Connect with us

प्रादेशिक

योगी सरकार ने किया मंत्रिमंडल का विस्तार, 23 मंत्रियों ने ली शपथ

Published

on

लखनऊ। बुधवार को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा पहली बार कैबिनेट का विस्तार किया गया। जिसमें 6 कैबिनेट, 6 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली।

महेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, राम नरेश अग्निहोत्री, सुरेश राणा, अनिल राजभर, कमला रानी ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली वहीं नील कंठ तिवारी, कपिल देव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटारिया, श्रीराम चौहान और रवींद्र जायसवाल को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।

इसके अलावा अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ला, विजय कश्यप, गिराज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदय भान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रामशंकर सिंह पटेल और अजीत सिंह पाल ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।

आपको बता दें कि कैबिनेट विस्तार में जातिगत समीकरण का खास ध्यान रखा गया है। पहले कैबिनेट विस्तार में 23 मंत्रियों में से 6 ब्राह्मण, 4 क्षत्रिय, 3 वैश्य और 10 दलित व पिछड़े वर्ग से ताल्लुक वाले विधायकों को मंत्री बनाया गया है।

जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम को सीएम योगी विभागों का बंटवारा कर सकते हैं। कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी संभव है। सूत्रों के मुताबिक सीएम योगी शाम चार बजे मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे।

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

Published

on

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending