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प्रादेशिक

कैबिनेट में फेरबदल से पहले योगी सरकार के वित्त मंत्री ने दिया इस्तीफा

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लखनऊ। योगी सरकार द्वारा बुधवार को किए जाने वाले कैबिनेट विस्तार से पहले मंगलवार को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है।

राजेश ने इस्तीफे के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य कारणों और बढ़ती उम्र की वजह से उन्होंने सीएम योगी को अपना इस्तीफा सौंपा है।

हालांकि उनका इस्तीफा मंजूर हुआ है या नहीं इस बात की जानकारी नहीं मिली है। गौरतलब है कि 75 साल के राजेश अग्रवाल बरेली से लगातार बीजेपी विधायक रहे हैं।

वे पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि अब वे 75 वर्ष के होने जा रहे हैं। पार्टी की रीती-नीति के अनुसार वे अपना त्याग पत्र बीजेपी नेतृत्व को दो दिन पहले ही सौंप चुके हैं।

उन्होंने लिखा है कि उनकी जगह कुछ नए और योग्य चेहरों को काम करने का अवसर दिया जाए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ पार्टी संगठन के लिए काम करते रहने की बात कही है।

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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