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पाकिस्तानी क्रिकेटर करने जा रहा इस भारतीय लड़की से शादी, सामने आई तस्वीरें

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नई दिल्ली। पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक के बाद अब एक और खिलाड़ी भारतीय लड़की से शादी करने जा रहा है। पाकिस्तानी तेज गेंदबाज हसन अली ने शुक्रवार को घोषणा कर दी कि आज यानि 20 अगस्त को वो भारतीय मूल की शामिया आरजू से निकाह करने जा रहे हैं।

दुबई में रहने वाली शामिया अमीरात एयरलाइन्स में फ्लाइट इंजीनियर हैं। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। शामिया मूल रूप से हरियाणा के मेवात इलाके की रहने वाली हैं।

हसन अली और शामिया का निकाह दुबई के एटलांटिस पाम जुबेरा पार्क होटल में होगा। हाल ही में दोनों ने प्री-वेडिंग फोटोशूट कराया था। प्री-वेडिंग की फोटोज सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रही है।

शामिया की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मानव रचना यूनिवर्सिटी से बीटेक (एरोनॉटिकल) की डिग्री ली है। पहले उनकी जेट एयरवेज में नौकरी लगी थी।

फिलहाल वह तीन साल से एयर अमीरात में फ्लाइट इंजीनियर के पद पर कायर्रत हैं। सामिया एयर अमीरात में फ्लाइट इंजीनियर हैं।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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