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उत्तराखंड

यूपी और उत्तराखंड के बीच लंबित मामलों का जल्द होगा निस्तारण

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश के मध्य लम्बित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।

शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पाण्डेय व अन्य अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसी विषय को जितना टाला जाता है, उतना ही जटिल हो जाता है।

पिछले दो वर्षों में दोनों राज्य सरकारों के प्रयासों से बहुत से मामलों पर सहमति बनी है। अनेक मामलों को निस्तारित किया गया है। अब कुछ मामले शेष रह गए हैं, इन्हें भी आपसी सहमति से हल कर लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लम्बित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया है। दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव  उत्पल कुमार सिंह भी मौजूद थे।

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सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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