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वेंटिलेटर पर अरुण जेटली, हालत बेहद नाजुक

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नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत नाजुक बनी हुई है। शनिवार की तरह ही रविवार को भी उन्हें देखने के लिए नेताओं का एम्स में तांता लगा रहा।

आपको बता दें कि अरुण जेटली लंबे समय से एम्स में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक जेटली के फेफड़े में पानी भर जा रहा है। तमाम इलाज और डॉक्टर्स की मेहनत के बाद भी जेटली जी की सेहत में कोई खास सुधार नहीं हो पा रहा है बल्कि उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।

जेटली भाजपा सरकार के दिग्गज नेताओं में गिने जाते है। 2014 में जब देश में मोदी सरकार बनी तब जेटली केंद्रीय वित्त मंत्री बनाए गए और उनका कार्यकाल काफी सफल माना गया। खराब सेहत के चलते वह 2019 का चुनाव नहीं लड़ पाए। हालांकि पार्टी ने उनकी कमी ज़रुर महसूस की।

इस वक्त उनके खराब सेहत के चलते उन्हें एम्स में लाइफ स्पोर्टिंग सिस्टम पर रखा गया है। इस वक्त जेटली जी को दवा के साथ-साथ दुआ की भी खास ज़रुरत है। देश में उनके स्वस्थ होने की लोग ऊपर वाले से दुआ मांग रहे है तो कुछ लोग उनकी सलामती के लिए हवन कर रहे है। राजनेताओं की बात करें तो एम्स में अरुण जेटली से मुलाकात करने के लिए पक्ष-विपक्ष के नेताओं का आना-जाना लगातार लगा हुआ है।

शनिवार को अरुण जेटली का हाल जानने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एम्स पहुंचकर अरुण जेटली का हाल जाना, और इसी के साथ ही अरुण जेटली की हालत पर डॉक्टरों से बातचीत भी की।

इन लोगों के अलावा शनिवार को बसपा सुप्रीमो मायावती और बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार भी जेटली से मिलने एम्स पहुँचे। इससे पहले जब अरुण जेटली 9 अगस्त को अस्पताल में भर्ती हुए थे तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और बीजेपी के अन्य कई नेता उनको देखने एम्स पहुंचे थे।

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विक्रम से संपर्क की उम्मीदें खत्म, इसरो ने देशवासियों के लिए कही ये बात

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नई दिल्ली। चंद्रमा पर रात होने के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विक्रम लैंडर से संपर्क करने उम्मीद खत्म हो चुकी है। मंगलवार को इसरो ने देशवासियों से मिले अपार समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद कहा।

यह इसरो का दूसरा चंद्र मिशन था जो कि आंशिक रूप से सफल हो सका। इस मिशन को आंशिक रूप से सफल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चांद की सतह से मजह 2.1 किमी की ऊंचाई से इसका संपर्क इसरो केंद्र से टूट गया था।

संपर्क टूटने के बाजजूद देशवासियों और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की हौसलाफजाई की थी। जिससे खुश होकर इसरो ने मंगलवार शाम को ट्वीट करते हुए सभी का धन्यवाद किया।

इसरो ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे। हमें प्रेरित करने के लिए शुक्रिया।’

इस मिशन को लेकर अच्छी खबर यह है कि ऑर्बिटर लगातार चंद्रमा के चक्कर काट रहा है और उसकी तस्वीरें भेज रहा है। इसरो के मुताबिक ऑर्बिटर 7 साल तक चांद का चक्कर इसी तरह काटने में सक्षम है।

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