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सेना के जवानों की कलाई पर राखी बांध पायनियर माण्टेसरी इंटर कॉलेज ने मनाया रक्षाबंधन का पर्व

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लखनऊ। पायनियर माण्टेसरी इण्टर कॉलेज की एल्डिको शाखा ने सौमित्र त्रिपाठी के नेतृत्व में वीरता एवं बलिदान संगठन की ओर आयोजित रक्षाबन्धन पर्व भारतीय सेना के सैनिकों के साथ मनाया। यह संगठन विगत 5 वर्षों से भारतीय सेना के सैनिकों के लिए सर्वाधिाक प्रतीक्षित अवसर है जब विद्यार्थी सैनिकों को प्रेम एवं कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में बिग्रेडियर अमूल्य मोहन ने सभी उपस्थित लोंगों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मोहसिन रजा (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उत्तर प्रदेश) ने समस्त सैनिकों एवं विद्यार्थियों को सम्बोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया और उनके साथ सरकार द्वारा डिजिटल इण्डिया मूवमेंट के तहत दी जाने वाली आधुनिकतम तकनीकों की सुविधा से परिचित कराया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर राहुल गुप्ता और पवन सिंह (प्रबन्धक एस।आर। ग्रुप) भी उपस्थित थे।

पायनियर माण्टेसरी स्कूल के प्रबन्धक ई। ब्रजेन्द्र सिंह ने भी भाई-बहनों के निस्वार्थ प्रेम के प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन पर अपने विचार अभिव्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राखी केवल बहनों की सुरक्षा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भाईयों की भी सुरक्षा करती हैं और भाईयों की सुरक्षा के लिए एक रक्षा सूत्र है। इंस्पेक्टर अरूण कुमार जो सशक्त सीमा बल के 30 जवानों के साथ उपस्थित थे , ने अत्यन्त अभिभूत होते हुए कहा कि ये उनके लिए महान गौरव एवं आनंद का विषय है कि उन्हें ऐसे अवसर पर आने का सौभाग्य मिला जो, सैनिकों के लिए वर्ष का अत्यन्त प्रतीक्षित दिवस है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए तथा छात्राओं ने अतिथियों और सैनिकों को राखियाँ बांधी। सैनिकों ने विद्यार्थियों के लिए कई गीत प्रस्तुत किए। जिसने वातावरण को ऊर्जा से सराबोर कर दिया। सशक्त सीमा बल के सैनिकों ने सभी धुनों प्रस्तुति दी। प्रधानाचार्या शर्मिला सिंह जी ने अतिथियों एवं सैनिकों को पुष्प-गुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। अन्त में सभी उपस्थित सैनिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस मौके पर राघवेन्द्र राय, मनीष सिंह , श्वेता श्रीवास्तव और सौमित्र त्रिपाठी भी उपस्थित थे और वीरता व बलिदान संगठन का प्रतिनिधित्व किया।

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केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव

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जयपुर केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा ने भी शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया। इसी के साथ राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

केरल और पंजाब के बाद ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव में कहा गया कि संसद द्वारा अनुमोदित सीएए के जरिए धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों को निशाना बनाया गया है।

धर्म के आधार पर ऐसा भेदभाव ठीक नहीं है। यह संविधान की धर्मनिरपेक्ष वाली मूल भावना के खिलाफ है। यही कारण है कि सीएए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। संकल्प में एनआरसी और असम का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, राजस्थान विधानसभा में सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधनों को लेकर भी संकल्प पास हुआ। राजस्थान पहला राज्य है, जहां एनपीआर के संशोधनों को लेकर कोई संकल्प पास किया गया है।

इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया।

भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।

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