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देशभर में बकरीद की धूम, मुख्यमंत्री योगी व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी शुभकामनाएं

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लखनऊ। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेशवासियों को मुबारकबाद दी है। राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा कि यह त्योहार त्याग और बलिदान का महत्व बताता है। उन्होंने कहा, “हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में मनाया जाने वाला पर्व वास्तव में ईश्वर की रजामंदी को प्राथमिकता देते हुए त्याग के मर्म को दर्शाता है। ऐसे पर्वो के माध्यम से खुशियां बांटने और दुख कम करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ईद-उल-अजहा के माध्यम से समाज में नए सद्भाव का संचार होगा जो देश और प्रदेश के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा, “ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म में विश्वास रखने वालों का प्रमुख त्योहार है। इस दिन को आपसी सौहार्द्र, भाईचारे और हषरेल्लास से मनाना चाहिए।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा “यह त्योहार हम सभी को मिलजुल कर रहने तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने इस त्योहार को शांति व आपसी सद्भाव से मनाने की अपील की। विधान परिषद के सभापति रमेश यादव ने भी प्रदेशवासियों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार प्रदेश में स्नेह व सौहार्द की भावना को सु²ढ़ बनाता है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ईद-उल-अजहा बलिदान, त्याग और समर्पण का त्योहार है। उन्होंने मुस्लिम धर्म मानने वालों को बधाई दी है। साथ ही उनकी सुख-समृद्घि की कामना करते हुए इसे परस्पर सौहार्द्र के साथ मनाने की अपील की है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी और वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने भी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद दी है। चौधरी और रजा ने कहा कि बलिदान का प्रतीक बकरीद के माध्यम से दूसरों की बेहतरी के लिए काम करने की भावना जागृत होती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर और विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने प्रदेशवासियों को त्याग, बलिदान और भाईचारे के पर्व बकरीद की मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें त्याग और बलिदान की प्रेरणा देता है।

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भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा कर इतिहास रच दिया है।

चांद के ऑर्बिट में चंद्रयान-2 को प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रयान-2 की गति कम करने की थी जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 10.98 किमी प्रति सेकेंड से 1.98 किमी प्रति सेकेंड कर दिया।

वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा।

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 की गति 90 फीसदी इसलिए कम की गई है ताकि यान चांद गुरूत्वाकर्षण की वजह से उसके सतह से टकरा न जाए। पहले ऑर्बिट में प्रवेश के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था।

इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

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