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कश्मीरी लड़कियों पर विवादित टिप्पणी करने पर सीएम खट्टर पर भड़के राहुल गांधी

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नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कश्मीरी लड़कियों विवादित बयान देकर सुर्खियों में आ गए हैं। उनके इस विवादित टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हमला बोला है।

राहुल ने ट्विटर के जरिए हरियाणा सीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि कश्मीरी महिलाओं पर टिप्पणी घृणित है। साथ ही राहुल गांधी ने कहा है कि महिलाएं पुरुषों के हक वाली संपत्ति नहीं हैं। दरअसल, जम्मू कश्मीर से केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया है, जिसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस से संबंधित एक विवादित बयान दिया था, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है।

ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा, ‘हरियाणा के सीएम, खट्टर की कश्मीरी महिलाओं पर टिप्पणी घृणित है और यह दर्शाता है कि कमजोर, असुरक्षित और दयनीय आदमी के साथ आरएसएस की वर्षों की ट्रेनिंग क्या करता है। महिलाएं पुरुषों के स्वामित्व वाली संपत्ति नहीं हैं।’ उन्होंने कहा था कि अब कश्मीरी लड़कियों को शादी करके यहां लाने का रास्ता साफ हो गया है।

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केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव

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जयपुर केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा ने भी शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया। इसी के साथ राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

केरल और पंजाब के बाद ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव में कहा गया कि संसद द्वारा अनुमोदित सीएए के जरिए धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों को निशाना बनाया गया है।

धर्म के आधार पर ऐसा भेदभाव ठीक नहीं है। यह संविधान की धर्मनिरपेक्ष वाली मूल भावना के खिलाफ है। यही कारण है कि सीएए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। संकल्प में एनआरसी और असम का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, राजस्थान विधानसभा में सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधनों को लेकर भी संकल्प पास हुआ। राजस्थान पहला राज्य है, जहां एनपीआर के संशोधनों को लेकर कोई संकल्प पास किया गया है।

इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया।

भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।

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