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प्रादेशिक

लापरवाही की हदः चूहों ने आईसीयू में भर्ती कोमा के मरीज के पैर कुतरे

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भोपाल। मध्यप्रदेश के रतलाम में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक मरीज का पैर चूहे कुतर गए।

मरीज का नाम सूरजसिंह भाटी (27) है जो पिछले तीन महीनों से कोमा में है। जानकारी के मुताबिक ये घटना सोमवार सुबह की है।अस्पताल की इस लापरवाही के बाद सिविल सर्जन डॉ आनंद चंदेलकर ने कहा कि अस्पताल में तीन दिन पहले वन टाइम पेस्ट कंट्रोल किया गया था।

पेस्ट कंट्रोल करने वालों को मरे हुए चूहों की फोटो भेजने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने फोटो नहीं भेजी। जिसके बाद मंगलवार को उन्हें अस्पताल बुलाया गया है।

वहीं पिता ने बताया कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया था। सूरज का इलाज पहले इंदौर में चला फिर उसे रतलाम के जिला अस्पताल में भेज दिया गया। यहां हमें जिला अस्पताल के आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।

यहां कई बार ऐसा हुआ कि चूहे हमारे बिस्तर पर उछल-कूद करते हुए निकल गए। हालांकि हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि ये चूहे हमें कोई नुकसान पहुंचा सकते हैं फिर भी हमने नर्सों से इसकी शिकायत कर दी थी।

रविवार की रात रोज की तरह हम सो गए थे, मैंने सूरज के पैरों पर चादर डाल दी थी। जब मैं सुबह उठा तो बेटे के पैर से खून निकल रहा था।

पहले तो कुछ समझ नहीं आया कि अचानक ये क्या हो गया है जब मैंने आसपास नजरें घुमाई तो बिस्तर पर चमड़ी बिखरी हुई थी। जिसके बाद मैं समझ गया कि चूहों ने पैरों को कुतरा है। जब मैंने नर्सों को पूरी बात बताई तो उन्होंने पैरों को साफ कर ड्रेसिंग कर दी।

 

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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