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उन्नाव पीड़िता के एक्सीडेंट को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, जानकर रह जाएंगे हैरान

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लखनऊ। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की सड़क दुर्घटना के मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की है। दुर्घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पीड़िता की दो रिश्तेदारों की मौत हो गई।

इस बीच दुर्घटना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता की कार की टक्कर जिस ट्रक से हुई थी, वह ट्रप एक समाजवादी पार्टी (सपा) नेता का है।

संयोग से दुर्घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग करने वाली पहली पार्टी अखिलेश यादव की अगुआई वाली सपा ही है। प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का औपचारिक निवेदन सोमवार मध्य रात्रि केंद्र के पास भेज दिया गया है।

उन्होंने कहा, “सरकार ने अपराध मामला संख्या 305/2019 यू/एस 302/307/506/120बी आईपीसी गुरबख्सगंज जिला रायबरेली की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है। इस संबंध में केंद्र सरकार को औपचारिक निवेदन भेज दिया गया है।”

सोमवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ.पी. सिंह ने कहा कि अगर आग्रह किया जाता है तो राज्य सरकार दुर्घटना की सीबीआई जांच को तैयार है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक कुलदीप सेंगर पर लड़की से दुष्कर्म का आरोप है और उसके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से वह जेल में है।

सूत्रों ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक सपा नेता नंदू पाल का है। पाल सपा की फतेहपुर जिला इकाई के नेता हैं और उनकी पत्नी रमाश्री पाल सपा की टिकेट पर असोथर ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख चुनी गई थीं। उनके तीन भाइयों- देवेंद्र पाल, मुन्ना पाल और दिलीप पाल के पास 27 ट्रक हैं।

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प्रयागराज में अतीक अहमद के आलीशान आशियाने को किया गया जमींदोज़

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प्रयागराज। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य का खात्मा करके ही दम लेंगे। मंगलवार को अतीक अहमद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने उसके चकिया स्थित तीन मंजिला आलीशान मकान को बुलडोजर चलवाकर खंडहर में तब्दील करवा दिया। चार बीघा जमीन पर बने इस मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। मौके पर पुलिस के साथ ही पीएसी भी मौजूद रही।

पीडीए के जोनल अधिकारी सत शुक्ला के अनुसार, पूरा आवास अवैध रूप से निर्मित है, इसलिए पूरे आवास को गिराने की कार्रवाई की गई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने चार माह पहले नोटिस दिया था। अतीक के आवास में दर्जनों कमरे बने होने की बात कही जा रही है।

पूर्व सांसद अतीक अहमद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और प्रयागराज प्राधिकरण के द्वारा अतीक अहमद की संपत्तियों को जब्त करने और ध्वस्त करने का काम लगातार जारी है।

माफिया अतीक अहमद के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान उसके वकील व परिजन घर में मौजूद थे। अतीक इस समय अहमदाबाद जेल में बंद है, जबकि उसका छोटा भाई पूर्व विधायक अशरफ बरेली जेल में है।

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