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विवादित टिप्पणी के लिए आजम खान ने लोकसभा में मांगी माफी

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नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद आजम खान ने बीजेपी सांसद रमा देवी पर की गई विवादित टिप्पणी पर सोमवार को माफी मांग ली।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आजम खान ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वे माफी मांगते हैं।

ये कहने के बाद आजम खान अपनी सीट पर बैठ गए जिसके बाद बीजेपी के सांसद हंगामा करने लगे। बीजेपी के सांसदों ने आजम खान के हाव-भाव पर सवाल उठाए।

इस दौरान सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने उन्नाव रेप पीड़िता के हादसे का मामला उठा दिया और कहा कि बीजेपी को उसपर भी ध्यान देना चाहिए।

गौरतलब है कि 25 जुलाई को लोकसभा में तीन तलाक पर बहस के दौरान बीजेपी सांसद रमा देवी सदन की अध्यक्षता कर रही थीं, इस दौरान आजम खान ने उन पर विवादास्पद टिप्पणी कर दी जिसके बाद लोकसभा में जमकर हंगामा हो गया।

बीजेपी के सांसद आजम खान से माफी की मांग करने लगे लेकिन आजम ने माफी से इनकार करते हुए वॉकआउट कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने शुक्रवार को कई दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में सहमति बनी थी कि आजम खान को शिवहर सांसद रमा देवी से माफी मांगने को कहा जाए।

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मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन बोले-बाबर ने बनवाया था मंदिर

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नई दिल्ली। अयोध्या जमीन विवाद मामले की सुनावाई के 28वें दिन मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अदालत में बाबरनामा का हवाला दिया।

राजीव ने कहा कि वहां मंदिर ही बाबर ने बनाया था। उन्होंने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि हिन्दू पक्षकार तो गजेटियर का हवाला अपनी सुविधा के मुताबिक दे रहे हैं, लेकिन गजेटियर कई अलग अलग समय पर अलग नजरिये से जारी हुए थे। लिहाजा सीधे तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि बाबर ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई।

राजीव धवन ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल के इस विचार से भी इत्तेफाक नहीं रखता, जो कहीं रिपोर्ट को मान रहे हैं और कहीं नहीं। इस पर जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि कई पुरानी मस्जिदों में संस्कृत में भी कुछ लिखा हुआ मिला है। वो कैसे?

जज के सवाल का जवाब देते हुए राजीव धवन ने कहा कि क्योंकि बनाने वाले मजदूर कारीगर हिंदू होते थे तो वे अपने तरीके से इमारत बनाते थे।

बनाने का काम शुरू करने से पहले वो विश्वकर्मा और अन्य तरह की पूजा भी करते थे और काम पूरा होने के बाद यादगार के तौर पर कुछ लेख भी अंकित करते थे।

 

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