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प्रादेशिक

टैक्सी में दुष्कर्म करना चाहता था शख्स, लड़की ने काट दी जीभ और फिर….

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जयपुर। राजस्थान के जयपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक लड़की जयपुर शहर से गुरुवार की रात चित्रकूट जाने के लिए सवार हुई।

लेकिन रास्ते में टैक्सी ड्राइवर का दोस्त युवकी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। इसके बाद युवती ने साहस दिखाते हुए उस शख्स की जीभ काट दी और भागकर थाने पहुंच गई।

अपनी कटी जीभ को लेकर जब आरोपी एसएसएस अस्पताल पहुंचा तो पुलिस ने आरोपी और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।आरोपी का नाम सचिन शर्मा है।

वो भरतपुर के भुसावर का रहने वाला है और जगतपुरा स्थित ब्रज विहार में प्रॉपर्टी एजेंट का काम करता है। वहीं कैब ड्राइवर सुरेश विद्याधर नगर की कच्ची बस्ती में रहता है।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित युवती आगरा की रहने वाली है और चित्रकूट इलाके में किराए पर रहती है। वह बीबीए की छात्रा है और मॉडलिंग भी करती है।

गुरुवार रात को 1:12 बजे आश्रम मार्ग स्थित जी-क्लब में बर्थडे पार्टी में शामिल होने के बाद उसने ओला कैब बुक की थी। गाड़ी में पहले से ही ड्राइवर का दोस्त बैठा था। जब उसके बारे में युवती ने सवाल किया तो ड्राइवर ने कहा कि यह उसका दोस्त है जिसे भी चित्रकूट ही जाना है।

सोडाला के पास पहुंचते ही सचिन ने नकली पिस्तौल दिखाकर युवती को डराया। इसके बाद चलती कार में ड्राइवर वाली सीट से उठकर पिछली सीट में युवती के बगल में जाकर बैठ गया। पुलिस को युवती ने बताया कि वह काफी डर गई थी। हिम्मत दिखाते हुए उसने आरोपी की जीभ काट ली और कार से कूद गई।

युवती का दोस्त बार-बार उसे फोन कर रहा था। मोबाइल के कैब में छूटने से उसकी बात नहीं हो पाई। दोस्त ने कंट्रोल रूम को इसके बारे में जानकारी दी। कंट्रोल रुम से मैसेज चला तो चित्रकूट पुलिस ने बताया कि युवती थाने में है।

बताया गया कि आरोपी की जीभ कटी है और वह किसी अस्पताल में जा सकता है। इसके बाद डीसीपी राहुल जैन ने सभी अस्पतालों को संदेश भिजवाया।

एसएमएस अस्पताल में जीभ कटे युवक के आने की सूचना मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ड्राइवर को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिसने अपने बचाव में कहा कि नकली पिस्तौल के बल पर आरोपी ने उसे भी डराया हुआ था।

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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