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जोमैटो डिलीवरी बॉय को जबरन रोककर युवकों ने लगवाए जय श्रीराम के नारे

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जोमैटो में काम करने वाले दो युवकों ने आरोप लगाया है कि उनसे बीच रास्ते में जबरदस्ती जय श्रीराम के नारे लगवाए गए।

युवक के मुताबिक कार में सवार चार लोगों ने उसे और उसके साथी को बीच रास्ते पर रोका और जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया।

घटना के बाद भारी पुलिस बल ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
औरंगाबाद पुलिस कमिश्नर चिरंजीवी प्रसाद ने बताया कि घटना औरंगाबाद के बजरंग चौक पर हुई। पीड़ित युवकों का नाम शेख आमिर और नासिर निजामुद्दीन है।

अपनी शिकायत में पीड़ित शेख आमिर और नासीर निजामुद्दीन ने बताया कि वो जोमैटो में डिलीवरी बॉय का काम करते हैं। कल जब उन्हें ऑर्डर आया तो उसे पिक करने के लिए वो जलगांव टी पॉइंट जा रहे थे।

इसी दौरान बजरंग चौक के करीब एक कार में सवार चार युवकों ने उन्हें रोका और जय श्रीराम बोलने के लिए मजबूर किया। पुलिस कमिश्नर चिरंजीवी प्रसाद ने आगे बताया कि पीड़ित आमिर के इनकार करने पर युवकों ने उसे पीटने की धमकी दी। पिटाई के डर से आमिर ने जय श्री राम बोल दिया। इसके बाद युवकों ने उन्हें जाने दिया।

इस घटना की जानकारी जैसे ही शहर में फैली आजाद चौक में सैकड़ों युवक जमा हो गए। हुजूम को काबू में करने पुलिस भी चौकस हो गई। इससे पहले के हालत बेकाबू हो जाते पुलिस कमिश्नर चिरंजीवी प्रसाद मौके पर पहुंच गए और शांति बनाए रखने की अपील की।

पुलिस कमिश्नर ने मामला दर्ज करके सीसीटीवी कैमरे की मदद से जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

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साक्षी मिश्रा ने बरेली में कराया शादी का रजिस्ट्रेशन, बन गई साक्षी नायक

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लखनऊ। पिछले महीने भागकर शादी करने और उसके बाद की घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहे साक्षी मिश्रा और अजितेश चुपचाप बरेली लौट आए और यहां अपने विवाह का पंजीकरण कराया। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच बरेली लौटे दंपति रजिस्ट्रार कार्यालय गए और वहां उन्होंने अपनी शादी का पंजीकरण कराया। इस जोड़े ने पहले ही प्रयागराज के एक मंदिर में शादी कर ली थी और इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा विवाह को वैध ठहराया गया था।

भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने एक दलित लड़के अजितेश से तीन जुलाई को भागकर शादी कर ली थी। इस जोड़े ने बाद में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने साक्षी के पिता और भाई से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया था।

इस मामले ने बड़ा तूल तब पकड़ा जब यह दंपति नोएडा में एक टीवी स्टूडियो में दिखाई दिए गए, जहां उन्होंने जाति के कारण साक्षी के परिवार द्वारा शादी अस्वीकार करने का आरोप लगाया था। बाद में यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंच गया, जिसने राज्य सरकार को दंपति को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया और उनकी शादी को वैध भी ठहराया।

इस जोड़े ने अपनी शादी के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जब वे अदालत में पेश हुए, तो सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया को बाहर ही रोक दिया था। इस बीच साक्षी और उसके पति ने मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर दावा किया था कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर लड़की के पिता और ससुराल वालों की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

साक्षी के करीबी एक सूत्र ने बताया कि भले ही उनकी शादी को कोर्ट ने वैध ठहरा दिया हो, लेकिन वे ‘सभी संदेहों को दूर करने’ के लिए शादी का पंजीकरण कराना चाहते थे। पति-पत्नी दिल्ली लौट गए हैं।

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