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नॉनवेज होती हैं खाने की ये 6 चीजें, सावन में भूल से भी न करें इस्तेमाल

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प्रतीकात्मक तस्वीर

सावन के महीने को भगवान शिव का महीना कहा जाता है। इस महीने में भक्तों पर भोलेनाथ पर विशेष कृपा बनी रहती है। इस महीने में लोग मांसाहार खाने से परहेज करते हैं।

ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी खाने की चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे लोग वेज समझते हैं लेकिन ये असल में नॉनवेज होता है। आईए जानते हैं कौन ही हैं वो खाने की चीजें…

सूप


ज्यादातर लोग सूप को शाकाहारी समझ कर बड़े ही शौक से पीते हैं लेकिन रेस्टोरेंट्स में मिलने वाले इस सूपों में जिन सॉसेज का इस्तेमाल किया जाता है उनमें मछली से पाए गए उत्पादों से प्राप्त किया जाता है। ऐसे में अगर आप रेस्टोरेंट में कभी सूप पिएं तो वेटर से जरुर कंफर्म कर लें कि ये सूप पूरी तरह से वेज है या नहीं।

तेल


खाना बनाने के लिए आप जिस तेल का इस्तेंमाल कर रही हैं उसे एक बार गौर से देख लें। अगर इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड है तो आपका तेल शाकाहारी नहीं है। कुछ तेल जिनमें विटामिन डी के होने का दावा किया जाता है उसमें लेनोलिन पाया जाता है जो कि भेड़ से बनता है। तो अगली बार ऑयल खरीदने से पहले एक बार जरूर पढ लें।

व्हाइट शुगर


व्हाइट शुगर को तैयार करते समय उसे साफ करने की जो प्रक्रिया अपनाई जाती है उसमें नेचुरल कार्बन का इस्तेमाल होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये नेचुरल कार्बन बोन चार होता है जो जानवरों की हड्डियों से बनाया जाता है।

बियर या वाइन


कई लोग ये कहकर बियर और वाइन पीते हैं कि ये तो फलों के रस से बनी है। बता दें, शराब को साफ करने के लिए इजिनग्लास का इस्तेमाल किया जाता है जो फिश ब्लेडर से बनता है।

जैम


बहुत सारे घरों में ब्रेकफास्ट में ब्रेड जैम खाना पसंद करते हैं। जैम में जिलेटिन होता है और जिलेटिन जानवरों से पाया जाने वाला प्रोडक्ट है।

दही


अगर आप बाजार से दही खरीद रहे हैं तो उसके पैक पर एक बार उस पर लिखे इंग्रीडिएंट्स जरूर पढ़ लें। अगर इसमें जिलेटिन है तो आपका ये दही वेज नहीं है।

आध्यात्म

भगवान विष्णु के ये दो अवतार आज भी हैं धरती पर जीवित, जानकर दंग रह जाएंगे आप

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श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान विष्णु ने अब तक 23 अवतार लिए हैं इनमें जिन 10 अवतारों के बारे में हम जानते हैं वो भगवान विष्णु के मुख्य अवतार माने जाते हैं।

भगवान विष्णु के 23 अवतार तो अब तक पृथ्वी पर अवतरित हो चुके हैं, जबकि उनका 24वां अवतार ‘कल्कि अवतार’ के रूप में होना बाकी है। पुराणों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के शंभल नामक स्थान पर विष्णुयशा नामक तपस्वी ब्राह्मण के घर भगवान कल्कि पुत्र रूप में जन्म लेंगे और देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर संसार से पापियों का विनाश करेंगे और पुन: धर्म की स्थापना करेंगे।

संस्कृत का एक श्लोक है, “अश्वत्थामा बलिव्यासो हनूमांश्च विभीषिण:। कृप: परशुरामश्च सप्तएतै चिरजीविन:।। सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेययाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपिसर्वव्याधि विवर्जित:।।” इसका अर्थ ये है कि अश्वत्थामा, बलि, महर्षि वेदव्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, परशुराम और ऋषि मार्कण्डेय ये आठ लोग संसार में अमर हैं।

हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के दो अवतार धरती पर आज भी जीवित हैं। श्रीमद्भागवत के अनुसार, महर्षि वेदव्यास भगवान विष्णु के 19वें अवतार हैं। वे महाज्ञानी महर्षि पराशर के घर पुत्र के रूप में प्रकट हुए थे। इन्होंने ही मनुष्यों की आयु और शक्ति को देखते हुए वेदों के विभाग किए थे, इसलिए इन्हें वेदव्यास कहा जाता है। पांडव महर्षि वेदव्यास की सलाह पर स्वर्ग की यात्रा की कोशिश की थी।

भगवान विष्णु का दूसरा अवतार जिसे आज भी धरती पर जीवित माना जाता है वो हैं परशुराम। परशुराम विष्णु जी के 18वें अवतार हैं।

इन्हें भगवान विष्णु का 18वां अवतार माना जाता है। अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए परशुराम ने 21 बार धरती से क्षत्रिय को समाप्त कर दिया था।

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