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डेंगू होने पर कभी न लें ये दवा वरना जा सकती है जान

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नई दिल्ली। बारिश के मौसम में तापमान कम ज्यादा होने से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है वरना ये बीमारी आगे चलकर जानलेवा भी साबित हो सकती है।

बरसात के मौसम में डेंगू होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है जिसका सही समय पर इलाज न होने पर लोगों की जान भी चली जाती है। आज हम आपको बताएंगे की डेंगू हो जाने पर ऐसी कौन सी दो दवाएं हैं जो बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।

इन दो दवाओं का न करें इस्तेमाल

विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक डेंगू बुखार में एस्प्रीन और आईब्रुफेन जैसी दवाओं का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। जहां तक हो सके बचाव और डॉक्टरों की देखरेख में ही इलाज करना चाहिए।

डेंगू के लक्षण 

– अचानक तेज सिरदर्द और बुखार।
– मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
– आंखों के पीछे दर्द, जो घुमाने से बढ़ता है।
– जी मचलाना और उल्टियां होना।
– गंभीर मामलों में नाक मुंह व मसूड़ों से खून आना।
– त्वचा पर चकते उभर आना।

ये बरते सावधानियां 

– पानी की टंकी खुली न छोड़ें।
– पक्षियों और पशुओं के पानी के पात्र में पानी न छोड़ें।
– बर्तन, फ्रिज, फूलदान, नारियल के खोल आदि में पानी न रखें।
– पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें।
– पूरा शरीर हल्की चादर से ढककर सोएं।
– मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करें।
– बुखार हो तो पैरासिटामोल खा सकते हैं।

नेशनल

उड़ान भरने के लिए राजनाथ सिंह ने आखिर क्यों चुना तेजस, जानें यहां

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नई दिल्ली। राजनाथ सिंह गुरुवार को बेंगलुरू में जी-सूट में पूरी तरह से तैयार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वह उड़ान से रोमांचित थे और उन्होंने उड़ान भरने के लिए इस विमान को इसलिए चुना, क्योंकि यह स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। विमान को वायुसेना (आईएएफ) के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल एन। तिवारी ने संचालित किया था।

सिंह ने कहा, “मैं उड़ान से रोमांचित था। यह मेरे लिए बहुत सहज और आरामदायक उड़ान थी। मैं इसका आनंद ले रहा था। मुझे देश के वैज्ञानिकों के साथ-साथ तेजस विमान के विकास पर काम करने वाले संगठनों पर गर्व है। आज, कई अन्य देशों में तेजस की मांग है। हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जिसमें हम न केवल लड़ाकू विमान निर्यात कर सकते हैं, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरण मुहैया करा सकते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस विमान को क्यों चुना, इस पर सिंह ने कहा कि यह जेट ‘स्वदेशी रूप से विकसित’ है, इसलिए मैंने इसे चुना। हालांकि 17 जनवरी 2018 को पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्थान के जोधपुर हवाईअड्डे से वायुसेना के सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ‘सह-पायलट’ के रूप में फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली पहली महिला रक्षामंत्री भी थीं।

वहीं पूर्व राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल और एपीजे अब्दुल कलाम ने 25 नवंबर, 2009 और 8 जून, 2006 को पुणे से एसयू-30 में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति थीं, जिन्होंने यह उड़ान भरी थी, जबकि एक सैन्य लड़ाकू में उड़ान भरने वाले कलाम पहले राष्ट्रपति बने थे।

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