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ये होगी भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन, किराया जानकर उड़ जाएंगे होश

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नई दिल्ली। दोबारा सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार रेल का निजीकरण करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रेल मंत्रालय दिल्ली से लखनऊ देश की पहली प्राइवेट ट्रेन चलाने की तैयारी में है।

हाल ही में निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में इस बात के संकेत दिए गए थे। इस ट्रेन का नाम तेजस है जो लखनऊ-दिल्ली रूट पर चलेगी।

इस बारे में आईआरसीटीसी से 10 जुलाई तक इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए कह दिया गया है। कई रिपोर्ट के मुताबिक तेजस में सफर करने के लिए यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ सकता है।

इस ट्रेन में बाकि ट्रेनो की तुलना में कहीं ज्यादा अच्छी सुविधा मिलेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि पहली प्राइवेट ट्रेन होने की वजह से इसका किराया ज्यादा हो सकता है। फिलहाल ट्रेन का कितना किराया हो मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

वहीं रेल यूनियन ने रेलवे के निजीकरण के प्रयासों का विरोध करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि रेलवे ने 100 दिन के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए मोदी सरकार ने शुरुआती तौर पर दो प्राइवेट ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन (NFIR) ने आरोप लगाया है कि बजट से यह बात उजागर हो गई है कि सरकार रेलवे के कॉरपोरेटीकरण और निजीकरण पर ‘आक्रामक तरीके से’ आगे बढ़ना चाहती है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने खबर दी है कि तेजस देश की पहली निजी ट्रेन होगी।

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उड़ान भरने के लिए राजनाथ सिंह ने आखिर क्यों चुना तेजस, जानें यहां

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नई दिल्ली। राजनाथ सिंह गुरुवार को बेंगलुरू में जी-सूट में पूरी तरह से तैयार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वह उड़ान से रोमांचित थे और उन्होंने उड़ान भरने के लिए इस विमान को इसलिए चुना, क्योंकि यह स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। विमान को वायुसेना (आईएएफ) के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल एन। तिवारी ने संचालित किया था।

सिंह ने कहा, “मैं उड़ान से रोमांचित था। यह मेरे लिए बहुत सहज और आरामदायक उड़ान थी। मैं इसका आनंद ले रहा था। मुझे देश के वैज्ञानिकों के साथ-साथ तेजस विमान के विकास पर काम करने वाले संगठनों पर गर्व है। आज, कई अन्य देशों में तेजस की मांग है। हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जिसमें हम न केवल लड़ाकू विमान निर्यात कर सकते हैं, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरण मुहैया करा सकते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस विमान को क्यों चुना, इस पर सिंह ने कहा कि यह जेट ‘स्वदेशी रूप से विकसित’ है, इसलिए मैंने इसे चुना। हालांकि 17 जनवरी 2018 को पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्थान के जोधपुर हवाईअड्डे से वायुसेना के सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ‘सह-पायलट’ के रूप में फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली पहली महिला रक्षामंत्री भी थीं।

वहीं पूर्व राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल और एपीजे अब्दुल कलाम ने 25 नवंबर, 2009 और 8 जून, 2006 को पुणे से एसयू-30 में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति थीं, जिन्होंने यह उड़ान भरी थी, जबकि एक सैन्य लड़ाकू में उड़ान भरने वाले कलाम पहले राष्ट्रपति बने थे।

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