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प्रादेशिक

मालेगांव ब्लास्ट में साध्वी प्रज्ञा की बढ़ी मुश्किलें, देखते ही पहचान गया गवाह

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में भोपाल से दिग्विजय सिंह को हराकर सांसद बनी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मुश्किलों में घिरती नजर आ रही हैं। 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी को तगड़ा झटका लगा है।

एक गवाह ने विस्फोट में इस्तेमाल की गई साध्वी की बाइक की पहचान कर ली है। सोमवार को सरकारी पक्ष विस्फोट में बरामद प्रमाण, टूटी-फूटी बाइक और साइकिलें लेकर आया।

पहले गवाहों से दो बाइक और पांच साइकिलों की पहचान कराई गई। ‘फ्रीडम बाइक’ लोगो वाली बाइक को पहचानते हुए गवाह ने कहा कि यह विस्फोट के दिन दिखी थी।

विस्फोट में इसका अगला हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया पर ढांचा सलामत है। गवाहों के बाद न्यायाधीश विनोद पाडालकर ने भी प्रमाणों को देखा।

आपको बता दें कि मालेगांव बम धमाके में महाराष्ट्र एटीएस ने दावा किया था कि विस्फोट में इस्तेमाल हुई बाइक साध्वी प्रज्ञा की है। गवाह की पहचान के बाद इस मामले में साध्वी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

उत्तर प्रदेश

जौनपुर की चुनावी जंग हुई रोचक, बसपा ने धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला को बनाया उम्मीदवार

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लखनऊ। बसपा ने उत्तर प्रदेश की जौनपुर लोकसभा सीट से पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि दूसरी ओर सपा ने एक वक्त में मायावती के करीबी रहे बाबू सिंह कुशवाहा को यहां से टिकट दिया है। वहीं बीजेपी ने पूर्व कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है।

मीडिया रिपोर्टस् के मुताबिक पहले बाहुबली धनंजय सिंह के सपा से चुनाव लड़ने की अफवाहों से सियासी गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई थी। इसके बाद उन्हें सजा हो गई और उनका लोकसभा चुनाव लड़ना टल गया। इन सबके बीच सपा ने बाबू सिंह कुशवाहा को इस सीट से मैदान में उतार दिया। इसके बाद बसपा ने धनंजय सिंह की पत्नी को टिकट देकर यहां मुकाबला त्रिकोणीय कर दिया है। उन्होंने बीएसपी के ऐलान के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘जय भीम जय जौनपुर’। उनके इस पोस्ट से सियासी हलचल बढ़ गई है।सूत्रों की मानें तो अब जौनपुरी सीट पर सियासी जंग काफी रोचक हो गई है।

इससे पहले उन्होंने धनंजय सिंह के जेल जाने के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा था, ‘आप सभी से एक अपील।हम आपकी भावनाओं की कद्र करते हैं लेकिन फैसला न्यायपालिका ने दिया है जिसका हमें सम्मान करना‌ चाहिए व साथ ही साथ अपने नेता श्री धनंजय जी का अनुसरण करते हुए किसी भी नेता अथवा दल के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आपके नेता के व्यक्तित्व पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा था, ‘कभी किसी भी दल अथवा नेता के लिए ग़लत शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, कृपया आप भी संयम बनाएं, धैर्य से काम लें।आपके नेता को आपके सहानुभूति की जरूरत है। उम्मीद करती हूं कि आप मेरी बातों पर अमल करेंगे।बता दें कि जौनपुर सीट पर छठवें चरण में 25 मई को वोट डाले जाएंगे।

 

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