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प्रादेशिक

मरीज को इलाज के लिए घसीटते हुए ले गया अस्पताल कर्मी, वीडियो देखकर आ जाएगा गुस्सा

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भोपाल। मध्यप्रदेश के जबलपुर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर एक मरीज को अस्पताल कर्मी चादर से धसीटता हुआ जांच कराने ले गया।

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद तीन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है वहीं दो लोगों की सेवा समाप्त कर दी गई है।

फिलहाल ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि वायरल वीडियो कब का है। सोमवार शाम तक अस्पताल प्रशासन उस मरीज का पता नहीं लगा पाया।

घटना की जांच के लिए डीन के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने कहा गया है।

चादर पर रखकर मरीज को घसीटने संबंधी 26 सेकंड के वीडियो में कर्मचारी चादर पकड़कर आगे तथा एक महिला पीछे चल रही है। स्थानीय खबरों के अनुसार, ओपीडी से जिस कक्ष तक मरीज को पहुंचाया गया वहां सोनोग्राफी और एक्स-रे जांच होती है।

इस मामले में सहायक अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने सुरक्षा प्रभारी विकास नायडू, वार्ड ब्वॉय प्रभारी अमित दुबे, फेसिलिटी एग्जिक्यूटिव राजीव कश्यप को निलंबित कर दिया है।

राजीव को एक दिन के लिए निलंबित किया गया है। वहीं हाइट्स कंपनी के सुरक्षा कर्मचारी कैलाश ठाकुर और वार्ड ब्वॉय घनश्याम बाल्मीक को सेवा से हटा दिया गया है।

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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