Connect with us

प्रादेशिक

लखनऊ में संपन्न हुई वेब मीडिया एसोसिएशन की बैठक, लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

Published

on

लखनऊ। यूपी के साथ-साथ देशभर में वेब मीडिया का प्रभाव व वेब न्यूज़ पोर्टल की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो मोबाइल के माध्यम से लाखों लोगों को होने वाली घटनाओं व समाचार से हर पल जोड़े रखती है।

 

उत्तर प्रदेश में वेब नीति- 2016 जो पूरी तरह निष्क्रिय पड़ी है। शासन से वार्ता करके नीति को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। इस आशय को लेकर आज लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

 

वेब मीडिया एसोसिएशन (WMA) की उत्तर प्रदेश इकाई की लखनऊ में हुई इस बैठक में यूपी में गंभीर पत्रकारों द्वारा चलाए जा रहे, वेब न्यूज़ पोर्टल को एसोसिएशन का पूरा साथ मिले‌ इस पर भी व्यापक चर्चा हुई। आज की बैठक में तय हुआ कि वेब मीडिया एसोसिएशन से नए सदस्यों को जोड़ने का प्रदेशभर में जल्द एक अभियान चलाया जाएगा।

इस बैठक में WMA के मुख्य संरक्षक चन्द़सेन वर्मा, राष्ट़ीय महासचिव मो कामरान, इन्द़ेश रसतोगी, राष्ट़ीय उपाध्यक्ष जेoपीo शुक्ल, WMA (UP) के अध्यक्ष राजेंद्र गौतम, उपाध्यक्ष शाश्वत तिवारी, श्रीधर अग्निहोत्री, अमिताभ त्रिवेेदी, काजिम जहीर, कोषाध्यक्ष सोनिका श्रीवास्तव एवं कार्यकारिणी सदस्य योगेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

प्रादेशिक

स्वाति सिंह का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रियंका गांधी ने साधा योगी सरकार पर निशाना

Published

on

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घोटालेबाज बिल्डर को बचाने के लिए पुलिस अधिकारी को धमकाने वाली उत्तर प्रदेश की मंत्री स्वाति सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर योगी सरकार की आलोचना की है।

प्रियंका ने रविवार को ट्वीट कर कहा, “यूपी में भाजपा सरकार की मंत्री बोलती हैं कि ऊपर से आदेश है, घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। ये ‘ऊपर’ कौन है जो चाहता कि घोटालेबाजों पर कार्रवाई न हो। डीएचएफएल-पीएफ घोटाला, सिडको-पीएफ, होमगार्ड वेतन घोटाला, एलडीए घोटाला। इन सारे घोटालों में बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।”

गौरतलब है कि एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री स्वाति सिंह को तलब किया। इस ऑडियो क्लिप में उन्हें एक पुलिस अधिकारी को धमकाते हुए सुना जा सकता है। वह एक बिल्डर के खिलाफ चल रहा मामला वापस लेने को कह रही हैं।

अंसल ग्रुप का बिल्डर पहले से ही धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल है और इसी के पक्ष में मंत्री कैंट थाने के सर्कल ऑफिसर बीनू सिंह पर केस वापस लेने का दबाव बना रही थीं।

29 सितंबर को रियल एस्टेट ग्रुप अंसल एपीआई के वाइस-चेयरमैन प्रणव अंसल जब आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामलों के सिलसिले में लंदन जाने वाले थे, तभी उन्हें दिल्ली हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया था। बाद में अंसल को लखनऊ लाया गया और जेल भेज दिया गया।

उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों को योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधने का इसके चलते मौका मिल गया। स्वाति सिंह ने इस प्रकरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और उनसे प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने वाले पत्रकारों को भी फटकार लगाई।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending