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स्कूली बच्चे सेना के सम्मान में छू रहे हैं भारतीय सैनिक के पैर? सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे होश

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नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि स्कूल जाते छोटे बच्चे भारतीय सैनिक को देखकर उनके पैर छूने लगे।

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक सैनिक स्कूल के पास खड़ा है वहीं कुछ बच्चे आते हैं और सैनिक के पैर छूने लगते हैं। वीडियो को शेयर करने के साथ कैप्शन लिखा गया है कि काश! कश्मीर के पत्थरबाज इन नौजवानों से कुछ सीखते।

एक और यूजर ने भी फोटो में अलग कैप्शन देकर इसे फेसबुक पर शेयर किया जिसके बाद लोग कमेंट बॉक्स में जाकर इस फोटो पर जय हिंद लिखने लगे।

हमने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि ये वीडियो बहुत ही भ्रामक है। ये वीडियो भारत का नहीं बल्कि पड़ोसी देश श्रीलंका का है। वीडियो को जब हमने और खंगाला तो पाया कि ये वीडियो यू ट्यूब पर पोस्ट किया गया था।

वीडियो में लिखा था कि श्रीलंकाई सेना का सम्मान करते बच्चे। श्रीलंका के भी कुछ वेबसाइट और चैनल पर इसकी न्यूज भी आ चुकी है। साथ ही वीडियो में दिख रहे जवान की पोशाक भी श्रीलंकाई सेना की वर्दी से मिलती है।

वीडियो के हर पहलू की जांच के बाद हमारी टीम ने ये पाया कि भारतीय सैनिक का बताया जा रहा ये वीडियो पूरी तरह से फेक है। आज की खबर की टीम आपसे अपील करती है कि अगर आपके पास भी ये वीडियो आया है तो इसे भारतीय सैनिक का बता कर बिलकुल भी शेयर न करें।

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भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा कर इतिहास रच दिया है।

चांद के ऑर्बिट में चंद्रयान-2 को प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रयान-2 की गति कम करने की थी जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 10.98 किमी प्रति सेकेंड से 1.98 किमी प्रति सेकेंड कर दिया।

वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा।

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 की गति 90 फीसदी इसलिए कम की गई है ताकि यान चांद गुरूत्वाकर्षण की वजह से उसके सतह से टकरा न जाए। पहले ऑर्बिट में प्रवेश के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था।

इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

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