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शपथ लेने के दौरान लगे जय श्रीराम के नारे, पलटकर ओवैसी ने कहा अल्लाह-हू-अकबर

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद शुरू हुए संसद सत्र के दूसरे दिन आल इंडिया मजलिस-इ-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बतौर सांसद शपथ ली।

इस दौरान संसद में अलग नजारा देखने को मिला। दरअसल, मंगलवार को जैसे ही ओवैसी शपथ के उठे बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने जय श्रीराम, भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारे लगाने शुरू कर दिए।

इसके बाद ओवैसी ने इशारों में और जोर-जोर से नारे लगाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने सांसद पद की शपथ ली और अंत में जय भीम, जय मीम, अल्लाह-हू-अकबर और जय हिन्द के नारे लगाए।

शपथ के दौरान हुई नारेबाजी पर ओवैसी ने कहा कि अच्छी बात है कम से कम मुझे देखकर उन्हें राम की याद तो आई। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उम्मीद है कि बीजेपी वालों को संविधान और मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत भी याद रहेगी।

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मन की बात में बोले पीएम मोदी-हुनर हाट शिल्पकारों के सपनों को पंख दे रहा है

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी हुनर हाट छाया रहा। रेडियो पर प्रसारित अपने मन की बात कार्यक्रम में रविवार को मोदी ने कहा कि हुनर हाट, शिल्पकारों के सपनों को पंख दे रहा है।

उन्होंने कहा कि हुनर हाट ने शिल्पकारों की जिंदगी में व्यापक बदलाव किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली के हुनर हाट में एक छोटी सी जगह में देश की विशालता, संस्कृति, परंपराओं, खानपान और जज्बातों की विविधताओं का दर्शन होता है। बता दें कि हाल ही में मोदी दिल्ली के हुनर हाट गए थे और वहां लिट्टी चोखा का आनंद लिया था।

उन्होंने कहा, “हुनर हाट में समूचे भारत की कला और संस्कृति की झलक वाकई अनोखी थी। शिल्पकारों की साधना और हुनर के प्रति प्रेम की कहानियां भी प्रेरणादायी होती है।”

मोदी ने कहा, “भारत को जानने के लिए जब भी मौका मिले इस तरह के आयोजनों में जरूर जाना चाहिए, आप ना सिर्फ देश की कला और संस्कृति से जुड़ेंगे, बल्कि आप देश के मेहनती कारीगरों की विशेषकर महिलाओं की समृद्धि में भी अपना योगदान दे सकेंगे।”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की जैविक विविधता और सर्दियों में हिन्दुस्तान आने वाले प्रवासी पक्षियों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “भारत के वातावरण का आतिथ्य लेने के लिए दुनिया भर से अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी भी हर साल यहां आते हैं, गर्व की बात है कि तीन सालों तक भारत सीओपी कन्वेंशन की अध्यक्षता करेगा, इस अवसर को कैसे उपयोगी बनायें, इसके लिये आप अपने सुझाव जरूर भेजें।”

मोदी ने कहा कि हाल ही में जीवविज्ञानियों ने मछली की एक ऐसी नई प्रजाति की खोज की है जो केवल मेघालय में गुफाओं के अंदर पाई जाती है, यह मछली ऐसी गहरी और अंधेरी भूमिगत गुफाओं में रहती है, जहां रोशनी भी शायद ही पहुंच पाती है, यह भारत की जैव-विविधता को एक नया आयाम देने वाला है।

उन्होंने कहा कि ये एक सुखद बात है कि हमारा भारत और विशेष तौर पर मेघालय एक दुर्लभ प्रजाति का घर है, हमारे आस-पास ऐसे बहुत सारे अजूबे हैं जो अब भी अंजान हैं, इन अजूबों का पता लगाने के लिए खोजी जुनून जरूरी होता है।

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