Connect with us

नेशनल

हार के बाद बौखलाई पाकिस्तानी सेना, कही ये बात

Published

on

नई दिल्ली। वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के हाथों हार को पाकिस्तानी सेना भी पचा नहीं पा रही है। करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तानी सेना में भी बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। सोमवार को पाक सेना के प्रवक्ता ने कहा कि मैच को स्ट्राइक से जोड़कर नहीं देखा जा चाहिए।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक आसिफ गफूर ने भारत के गृहमंत्री अमित शाह से ट्वीट पर कहा कि देशों की सीमा पर हुई झड़पों के बीच तुलना नहीं होनी चाहिए। मेजर जनरल गफूर का यह बयान विश्व कप में पाकिस्तान पर भारत की जीत पर भारतीय टीम को दिए शाह के बधाई संदेश के बाद आया है।

आपको बता दें कि गृहमंत्री ने रविवार को ट्वीट के जरिए कहा था, ‘टीम इंडिया द्वारा पाकिस्तान पर एक और स्ट्राइक और नतीजा एक समान। इस शानदार प्रदर्शन के लिए पूरी टीम को बधाई। हर भारतीय गौरव का अनुभव कर रहा है और इस प्रभावशाली जीत पर जश्न रहा है।’

गफूर ने अपने निजी अकाउंट के माध्यम से शाह को जवाब देते हुए कहा, ‘प्रिय अमित शाह, हां, आपकी टीम ने एक मैच जीता। (वे)अच्छा खेले। दो बिल्कुल अलग-अलग चीजों की तुलना नहीं की जा सकती, वैसे ही स्ट्राइक और मैच की तुलना नहीं की जा सकती।’ गफूर ने भारतीय वायुसेना द्वारा 26 फरवरी को बालाकोट में किए गए एयर स्ट्राइक का पाकिस्तान द्वारा दिए गए जवाब का उल्लेख करते हुए कहा, ‘स्टे सप्राइज्ड।’

नेशनल

मंदिर का सुरक्षा गार्ड या पुलिस, किसके हिस्से में जाएंगे पांच लाख

Published

on

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों का हत्यारा विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। सात दिनों तक पुलिस से आंख मिचौली का खेल खेल रहा विकास दुबे आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। अब सभी की नजरें उस इनामी राशि पर टिक गई हैं जो विकास दुबे को पकड़ने वाले को मिलने वाली थी।

विकास दुबे पर पहले 25 हजार का इनाम था, जिसको बढ़ाकर 50 हजार, फिर 1 लाख और फिर 2.5 लाख किया गया था। इसके बाद विकास दुबे पर इनामी राशि बढ़कर पांच लाख कर दी गई थी। अब सवाल ये उठता है है कि ये पांच लाख रु मंदिर के उस गार्ड को मिलेंगे जिसने विकास दुबे को सबसे पहले पहचाना था या फिर उज्जैन पुलिस जिसने उसे गिरफ्तार किया।

मंदिर परिसर की ओर से देखा जाए तो सवाल यह उठ रहा है कि अगर सुरक्षाकर्मियों ने ध्यान नहीं दिया होता तो शायद विकास वहां से भी भाग निकलता। इनामी राशि मध्यप्रदेश पुलिस को भी दी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो मंदिर परिसर का सवाल करना भी वाजिब होगा। हालांकि इसमें पुलिस का पक्ष भी अपने आप में मजबूत है कि अगर पुलिस चौकन्नी नहीं रहती तो मंदिर परिसर द्वारा दी गई सूचना के बावजूद विकास फरीदाबाद की तरह वहां से भी भाग सकता था।

#vikasdubey #ujjain #arrested #uppolice #kanpur

Continue Reading

Trending