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एक देश एक चुनाव पर पीएम मोदी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर 19 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने पर चर्चा होगी साथ ही महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों पर भी चर्चा होगी।

रविवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग को लेकर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हमें विपक्षी दलों के साथ ही सहयोगियों से भी सुझाव मिले हैं।

मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस बार संसद में कई नए चेहरे आए हैं और उनकी ओर से आने वाले विचारों को शामिल किया जाना चाहिए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 19 जून को होने वाली बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।

सर्वदलीय बैठक के बाद जोशी ने कहा कि वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने जा रहे हैं। इसके अलावा इस साल महात्मा गांधी का 150वां जयंती वर्ष मनाया जा रहा है।

इस संबंध में आयोजनों के बारे में चर्चा करने तथा जिलों से संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि सोमवार से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है।

बता दें कि संसद का बजट सत्र 17 जून से शुरू हो रहा है और 17 जुलाई तक चलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन 4 जुलाई को आर्थिक समीक्षा पेश करेंगी और 5 जुलाई को बजट पेश किया जाएगा।

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लोकसभा में ओवैसी-शाह के बीच हुई तीखी बहस, जानिए फिर गृह मंत्री ने क्या कहा…

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नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) संशोधन विधेयक 2019 पास हो गया। विधेयक पास होने से पहले इस बिल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह और एमआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।

बिल पर चर्चा के दौरान ओवैसी ने शाह से कहा कि उंगली मत दिखाइए, मैं डरूंगा नहीं। इस पर शाह ने कहा कि वे किसी को डरा नहीं रहे हैं। लेकिन वे उसकी भी मदद नहीं कर सकते, जिसके जहन में डर है।

दरअसल, एनआईए बिल पर चर्चा के दौरान बागपत से भाजपा सांसद और पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह अपनी बात रख रहे थे। संसद में सत्यपाल सिंह ने कहा कि हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर पर राजनीतिक पार्टी के एक नेता जांच बदलने के लिए दबाव डाल रहे थे। कमिश्नर से कहा गया था कि वे ऐसा नहीं करेंगे, तो उनका तबादला कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वे उस वक्त मुंबई कमिश्नर थे, इसलिए इस मामले की जानकारी है। इस पर ओवैसी ने कहा कि सत्यपाल सिंह को इस मामले में सारे रिकॉर्ड सदन में रखने चाहिए। इस पर अमित शाह ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के सांसद विपक्षी नेताओं के बात रखने के दौरान उन्हें नहीं टोकते, इसलिए विपक्षी पार्टी को भी ऐसा करना चाहिए।

शाह ने ओवैसी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि विपक्षी सांसदों को सुनने की आदत डालनी चाहिए। इसपर ओवैसी ने विरोध जताते हुए उंगली ना दिखाने को कहा। उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं। इस पर शाह ने कहा कि जब डर आपके जहन में है, तो मैं क्या कर सकता हूं।

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