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वैज्ञानिकों को मिला 40 हजार साल पुराने भेड़िया का सिर, दांत और बाल देखकर कांप गए सभी

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नई दिल्ली। वैज्ञानिकों को हिम युग के भेड़िए का सिर मिला है। साइबेरिया के बर्फ में दबे होने की वजह से भेड़िए के सिर में दिमाग के साथ-साथ उसके बाल और दांत भी सुरक्षित हैं।

वैज्ञानिकों का दावा है कि भेड़िए का यह सिर 40 हजार साल पुराना है। इसकी लंबाई 16 इंच है जो आज के आकार की तुलना में लगभग दोगुना है।

भेड़िए का सिर आर्कटिक सर्किल में 2018 में वैज्ञानिक पावेल एफिमोव ने खोजा। वैज्ञानिक को आसपास भेड़िया का धड़ नहीं मिला। माना जा रहा है कि भेड़िए पर किसी दूसरे जानवर ने ही हमला किया होगा जिससे उसका सिर धड़ से अलग हो गया होगा।

वैज्ञानिक ऐसा इस लिए मान रहे हैं क्योंकि रूस में पहली बार मानव जाति 32 हजार साल पहले आई थी जबकि भेडिए का ये सिर 40 हजार साल पुराना है।

इस  बारे में रूसी वैज्ञानिक डॉक्टर एल्बर्ट प्रोतोपोपोव ने बताया कि सिर में मौजूद ज्यादातर कोशिकाएं बिल्कुल नई जैसी ही मिलीं।

उन्होंने कहा कि भेड़िए के सिर की तुलनात्मक रिसर्च अब आधुनिक युग के भेड़ियों के साथ की जाएगी। इससे साफ होगा कि बीते हजारों सालों के बदलते हालात में जानवरों का विकास कैसे हुआ?

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अन्तर्राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने यूएई में की रुपे कार्ड की शुरुआत

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नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई में शनिवार को रुपे कार्ड की शुरुआत की और इस कार्ड का इस्तेमाल कर एक किलो लड्डू भी खरीदा। यह कार्ड मास्टरकार्ड या वीजा कार्ड के समकक्ष होगा।

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने अमीरात पैलेस में इस कार्ड के लॉन्च के दौरान घोषणा की कि मध्य पूर्व में संयुक्त अरब अमीरात पहला ऐसा देश है, जहां रुपे कार्ड की शुरुआत की गई। यूएई में अगले हफ्ते से कई प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों या दुकानों में इसे स्वीकार किया जाएगा।

मोदी ने अपने रुपे कार्ड का उपयोग लॉन्च के दौरान यहां स्थापित किए गए एक मॉक छप्पन भोग अबू धाबी आउटलेट से लड्डू खरीदे।

छप्पन भोग के मालिक और प्रबंध निदेशक विनय वर्मा ने खलीज टाइम्स को बताया, “कार्ड का उपयोग कर उन्होंने एक किलो मोतीचूर के लड्डू खरीदे।”

राजदूत सूरी ने कहा कि यूएई में तीन बैंक अमीरात एनबीडी, बैंक ऑफ बड़ौदा और फैब अगले हफ्ते से इसे जारी करना शुरू कर देंगे।

यूएई के मरक्यूरी पेमेंट सर्विसेज और भारत के नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन के बीच दोनों देशों बीच भुगतान प्लेटफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी इंटरफेस स्थापित करने के लिए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान किया गया।

लुलु फाइनेंशियल ग्रुप के प्रबंध निदेशक अदीब अहमद ने कहा कि कम ट्रांजक्शन प्रॉसेसिंग शुल्क रुपे को बैंक, व्यापारियों और ग्राहकों के लिए आर्थिक रूप से अधिक उपयोगी बनाता है और समाज के एक बड़े हिस्से तक पहुंचने के लिए व्यापार द्वारा इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “यूएई में आने वाले पर्यटकों में भारतीय सबसे ज्यादा होते हैं, जो अब यहां रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगे, क्योंकि अधिक रणनीतिक साझेदारी इसे और अधिक उपयोगी बनाएगी।”

 

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