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उप्र बार कौंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या

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आगरा। आगरा के दीवानी अदालत परिसर में यूपी महिला बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश सिंह की हत्या कर दी गई। दरवेश को वकील मनीष शर्मा द्वारा गोली गारी गई और बाद में उसने खुद को भी गोली मार ली। उसकी हालत गंभीर है। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

दरअसल बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उप्र बार काउंसिल की अध्‍यक्ष दरवेश सिंह और अधिवक्‍ता मनीष शर्मा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आगरा के ए डी जी अजय आनंद ने बताया कि विवाद इतना बढ़ा कि अधिवक्ता मनीष शर्मा ने दरवेश यादव को एक के बाद एक तीन गोलियां मारीं। गोली चलने से दीवानी परिसर में अफरा तफरी फैल गई।

जानकारी के मुताबिक, इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी एक गोली मार ली। पुलिस ने दोनों को दिल्‍ली गेट स्थित पुष्‍पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया। फिलहाल विवाद के कारण का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि दो दिन पहले ही दरवेश यादव उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। यूपी बार काउंसिल के इतिहास में वे पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। यूपी बार काउंसिल का चुनाव रविवार को प्रयागराज में हुआ था।

दरवेश सिंह मूल रूप से एटा की रहने वाली हैं। 2016 में वे बार काउंसिल की उपाध्यक्ष और 2017 में कर्यकारी अध्यक्ष रह चुकी हैं। वे पहली बार 2012 में सदस्य पद पर विजयी हुई थीं। तभी से बार काउंसिल में सक्रिय रहीं। उन्होंने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की थी।

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कुलदीप सेंगर की विधानसभा सदस्यता खत्म, अधिसूचना जारी

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लखनऊ। उन्नाव से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इस बारे में उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी है।

विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी की गई अधिसूचना में सेंगर की सदस्यता उस दिन से ही समाप्त की गई थी, जिस दिन उसे सजा सुनाई गई थी।

अधिसूचना के मुताबिक 20 दिसंबर 2019 से उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट को रिक्त घोषित किया गया है। सेंगर उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन करावास की सजा भुगत रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दुष्कर्म का आरोप लगने पर सेंगर को पार्टी से बाहर कर दिया था। इससे बांगरमऊ विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इस सीट पर उपचुनाव होगा।

लेकिन, इसकी तिथि का ऐलान अभी होना बाकी है। कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता 20 दिसंबर 2019 से ही खत्म मानी जाएगी। इसी दिन सेंगर को सजा सुनाई गई थी।

गौरतलब हो कि कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि 2017 में उसने एक नाबालिग युवती को अगवा कर दुष्कर्म किया। सेंगर पर आरोप लगाने वाली महिला की कार को जुलाई में एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी।

दुर्घटना में महिला की दो रिश्तेदार मारी गईं और उसके परिवार ने इसमें षड्यंत्र होने के आरोप लगाए थे। फिलहाल, सेंगर तिहाड़ जेल में बंद है।

सामूहिक दुष्कर्म के दो साल पुराने मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर (53) को दिल्ली की एक कोर्ट ने 20 दिसंबर को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि उसे मृत्यु तक जेल में रखा जाए। सेंगर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

 

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