Connect with us

खेल-कूद

बचपन में युवराज सिंह के खेलने का सामान तोड़ देते थे उनके पिता, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

Published

on

नई दिल्ली। सिक्सर किंग के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह ने सोमवार को अचानक संन्यास लेकर सभी फैंस को चौंका दिया।

युवराज के संन्यास के बाद उनके पिता योगराज सिंह ने हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं। योगराज ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि अगर युवराज को खो-खो खेलते समय घुटने की चोट न लगी होती तो आज वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बहुत सारे रिकॉर्ड तोड़ चुके होते।

उन्होंने कहा, ‘जब ग्रैग चैपल टीम के कोच थे तब खो-खो खेलते वक्त अगर युवराज को घुटने में चोट न लगी होती तो वह वनडे और टी-20 के सारे रिकॉर्ड तोड़ देता। मैं इसके लिए चैपल को कभी माफ नहीं करूंगा।’

योगराज ने कहा, ’40 साल पहले मुझे भारतीय टीम से हटा दिया गया था और तब से मेरे दिल में वो दर्द था। मैं उसी दर्द के साथ जी रहा था।’

योगराज ने कहा, ‘जब वो बड़ा हुआ तो वो स्केटिंग करने लगा और टेनिस खेलने लगा। मैं उसके स्केट और टेनिस रैकेट तोड़ देता था। वो हमारे सेक्टर-11 वाले घर को जेल कहता था और मुझे ड्रैगन सिंह, लेकिन एक पिता के तौर पर मुझे अधिकार है कि मैं अपने बेटे से कहूं कि वो मुझे मेरा खोया हुआ सम्मान वापस दिलाए और एक बार फिर मुझे गर्व करने का मौका दे।’

उन्होंने कहा, ‘युवराज तब छह साल का था जब मैं उसे सेक्टर-16 के स्टेडियम लेकर गया था, जहां मैं अभ्यास करता था। वहां पेस एकेडमी हुआ करती थी और मैं युवराज को बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करने को कहता था।’

युवराज के पिता ने कहा, ‘वो स्टेडियम में रोज डेढ़ घंटे दौड़ा करता था. मुझे याद है कि मेरी मां जब अपनी जिंदगी से जूझ रही थी तब उन्होंने मुझसे कहा था कि मैं इतनी कड़ी ट्रेनिंग से युवराज की जिंदगी बर्बाद कर रहा हूं, तब जिंदगी में पहली बार मुझे अपने बेटे के साथ इस तरह का बर्ताव करने पर पछतावा हुआ।’

 

खेल-कूद

आत्मरक्षा के लिए बच्चे और महिलाएं जरूर सीखें कुंग फू: शिशिर

Published

on

लखनऊ। खेल से स्वस्थ और फिट रह सकते हैं। खेलों के प्रति बच्चों का रुझान कम होना अच्छे संकेत नहीं हैं। आज बच्चों का खेल मैदान से नाता कम होने का खामियाजा समाज को भुगतान पड़ रहा हैं। बच्चियों और महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं, ऐसी दशा में बच्चियों और महिलाओं को अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए आत्म रक्षा की कला कुंग फू को सीखना चाहिए।

यह बातें सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक शिशिर ने 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता के आज दूसरे दिन बालिकाओं की सांडा फाइट के उद्घाटन के मौके पर कही।

उन्होंने कहा कि छोटे छोटे बच्चों को कुंग फू खेल खेलते देख अपना बचपन याद आ गया। कुंग फू फेडरेशन ऑफ इंडिया का यह प्रयास काफी सराहनीय है। उन्होंने ने कहा कि इस आत्म रक्षा के खेल को हर स्तर से बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending