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बेडरूम में गद्दे की जगह रुपए के बंडल इस्तेमाल करता था इंजीनियर, हुआ गिरफ्तार

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पटना। बिहार में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां निगरानी विभाग ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक इंजीनियर सुरेश प्रसाद और कैशियर शशिभूषण कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

दोनों को 14 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह रकम पटना के पास बिहटा से बिक्रम के बीच बन रहे सड़क के करार के लिए मांगी गई थी।

गिरफ्तारी के बाद हुई छापेमारी में हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंजीनियर की काली कमाई इतनी थी कि वो नोटों की सेज पर सोता था। उसके घर से अब तक 2.40 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है।

निगरानी विभाग के डीएसपी गोपाल पासवान ने इंजिनियर की गिरफ्तारी के बाद बताया कि साज इंफ्राकॉम प्रोजेक्ट लिमिटेड के ठेकेदार अखिलेश कुमार जायसवाल बिहटा से बिक्रम तक सड़क बनवा रहे हैं।

इसके ठेके लिए इंजीनियर सुरेश और कैशियर शशि ने 28 लाख रुपये की मांग थी। पहली किस्त के तहत 14 लाख देने के लिए सुरेश ने ठेकेदार को अपने पटेल नगर स्थित घर पर बुलाया था। निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत लेते दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े जाने के बाद जब इंजीनियर की घर की तलाशी ली गई तो बिस्तर के अंदर से नोटों की गड्डियां मिलीं। साथ ही पलंग के नीचे भी करोड़ों रुपये मिले। अब तक की छापेमारी में उसके घर से 2.40 करोड़ की नकदी बरामद हो चुकी है।

इसके अलावा कई जमीन के दस्तावेज भी मिले हैं। इनका मिलान किया जा रहा है। राज्य में अभी तक किसी सरकारी अधिकारी के घर से एक साथ इतनी बड़ी नकदी बरामद नहीं हुई।

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हैदराबाद एनकाउंटर केस पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

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नई दिल्ली। हैदराबाद मुठभेड़ मामले में दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी। हैदराबाद में एक पशु चिकित्सक दिशा के साथ दुष्कर्म करने और उसके बाद उसकी हत्या करने के सभी चारों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मार गिराया था। इस मामले में पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मामले की जांच करने के लिए एक याचिका दायर की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के वकील जी एस मणि ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी। याचिका में एनकाउंटर की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है।

साथ ही इस मामले में साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार और एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया है।

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