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6.5 करोड़ साल बाद गुजरात में फिर दिखे डायनासोर, देखने के लिए उमड़ी भीड़

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अहमदाबाद। डायनासोर के अस्तित्व मिटने के 6.5 करोड़ साल बाद एक बार फिर ये विशाल प्राणी गुजरात में दिखने लगे हैं। चौंक गए न? बात चौंकने वाली जरूर है लेकिन सौ फीसदी सही है।

दरअसल, गुजरात के खेड़ा जिले में स्थित रैयोली गांव में 128 एकड़ में बना देश का पहला डायनासोर जीवाश्म पार्क शनिवार से जनता के खोल दिया गया। ये भारत का पहला और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डायनासोर जीवाश्म पार्क है।

पार्क में डायनासोर के 6.5 करोड़ साल के इतिहास को बताने वाला पहला म्यूजियम भी बनाया गया है। इसमें 10 आधुनिक गैलरी भी बनाई गई हैं, जहां डायनासोर के रहने खाने से जुड़ी अहम जानकारियां लोगों को दी जाएंगी।

म्यूजियम की टाइम मशीन में दुनिया और गुजरात के अलग-अलग डायनासोर के अवशेषों को दिखाया जाएगा। डायनासोर के अलावा पार्क में 5डी थिएटर और थ्रीडी फिल्म देखने की सुविधा मिलेगी। आम लोगों के लिए ये पार्क सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा।

आपको बता दें कि 36 साल पहले इसी जगह से डायनासोर के जीवाश्म मिले थे। जानकारों का मानना है कि रैयोली गांव में डायनासोर की करीब 7 प्रजातियां रहती थीं। यहां 36 साल पहले डायनासोर के 10 हजार अंडों के अवशेष पाए गए थे।

यह दुनिया का सबसे सुरक्षित स्थान है, जहां इतनी बड़ी मात्रा में अंडों के अवशेष मिले थे। इसे दुनिया में डायनासोर का तीसरा सबसे बड़ा जीवाश्म स्थल भी माना जाता है।

 

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सीएम योगी की मंजूरी के बाद शुरू होगा कोरोना की वैक्सीन ‘Covaxin’ का थर्ड फेज ट्रायल

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लखनऊ। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद अब जल्द ही कोरोना वायरस की वैक्सीन ‘Covaxin’ का थर्ड फेज ट्रायल शुरू होगा। इसका ट्रायल लखनऊ और गोरखपुर में किया जाएगा। उत्तरप्रदेश के मुख्य अपर सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के निदेशक वी कृष्ण मोहन को एक पत्र लिखा है। इस तरह से पत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के दो शहरों में कोरोना की वैक्सीन का परीक्षण करने की अनुमति दी है।

पत्र में लिखा है, ‘कोवैक्सीन के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल को उत्तर प्रदेश में किए जाने संबंधी अनुमति दी जाती है। भारत बायोटेक को लखनऊ और गोरखपुर में वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।

भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपको क्लिनिकल ट्रायल संबंधी सभी सुरक्षा और अन्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। लखनऊ के लिए संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉक्टर आरके धीमन और गोरखपुर के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर गणेश कुमार को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।

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