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रिश्तेदारों ने महिला को किया निर्वस्त्र, फिर पूरे गांव के सामने करते रहे घिनौना काम

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पटना। बिहार के गोपालगंज जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां भोरे थाना क्षेत्र में एक पुराने विवाद में महिला को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया गया। हैरानी वाली बात ये है कि आरोपी महिला के रिश्तेदार ही हैं।

घटना के बाद पीड़िता ने  भोरे थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस के अनुसार, कुआड़ीडीह गांव की एक महिला ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को जब वह अपने घर में अकेली थी, तभी गांव के ही तीन लोग उसे घर छोड़कर भाग जाने की बात कहने लगे। महिला ने जब इसका विरोध किया, तो उन लोगों ने जबरदस्ती महिला के कपड़े उतरवा दिए और उसे घर से निकाल कर निर्वस्त्र घुमाने लगे।

इस मामले को लेकर भोरे के थाना प्रभारी कृष्णा कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान पर एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जिसमें गांव के ही तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘आरोपी और पीड़िता का संबंध एक ही परिवार से है और दोनों के बीच काफी दिनों से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है।’

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गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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