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बीजेपी विधायक ने पार की हदें, बीच सड़क पर महिला को बेरहमी से पीटा, देखें वीडियो

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अहमदाबाद। गुजरात में बीजेपी विधायक की सारेआम गुड़ागर्दी करने का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में विधायक को महिला के साथ बेरहमी से मारपीट करते देखा जा सकता है।

आरोपी विधयाक का नाम बलराम थवानी है। सोशल मीडिया पर इन दिनों थवानी का ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, मामला पानी की पाइपलाइन को लेकर था, जिसकी शिकायत लेकर महिला विधायक के पास गई थी।

शिकायत के बाद विधायक के आदमी ने पहले महिला को थप्पड़ मारे फिर खुद विधायक ने भी लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब विधायक माफी मांगकर मामले को ठंडा करने की कोशिश में हैं। अब देखना ये होगा कि विधायक की सरेआम गुंडागर्दी पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी क्या एक्शन लेते हैं।

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स्वाति सिंह का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रियंका गांधी ने साधा योगी सरकार पर निशाना

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घोटालेबाज बिल्डर को बचाने के लिए पुलिस अधिकारी को धमकाने वाली उत्तर प्रदेश की मंत्री स्वाति सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर योगी सरकार की आलोचना की है।

प्रियंका ने रविवार को ट्वीट कर कहा, “यूपी में भाजपा सरकार की मंत्री बोलती हैं कि ऊपर से आदेश है, घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। ये ‘ऊपर’ कौन है जो चाहता कि घोटालेबाजों पर कार्रवाई न हो। डीएचएफएल-पीएफ घोटाला, सिडको-पीएफ, होमगार्ड वेतन घोटाला, एलडीए घोटाला। इन सारे घोटालों में बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।”

गौरतलब है कि एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री स्वाति सिंह को तलब किया। इस ऑडियो क्लिप में उन्हें एक पुलिस अधिकारी को धमकाते हुए सुना जा सकता है। वह एक बिल्डर के खिलाफ चल रहा मामला वापस लेने को कह रही हैं।

अंसल ग्रुप का बिल्डर पहले से ही धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल है और इसी के पक्ष में मंत्री कैंट थाने के सर्कल ऑफिसर बीनू सिंह पर केस वापस लेने का दबाव बना रही थीं।

29 सितंबर को रियल एस्टेट ग्रुप अंसल एपीआई के वाइस-चेयरमैन प्रणव अंसल जब आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामलों के सिलसिले में लंदन जाने वाले थे, तभी उन्हें दिल्ली हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया था। बाद में अंसल को लखनऊ लाया गया और जेल भेज दिया गया।

उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों को योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधने का इसके चलते मौका मिल गया। स्वाति सिंह ने इस प्रकरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और उनसे प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने वाले पत्रकारों को भी फटकार लगाई।

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