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छात्राओं को नंबर ज्यादा देने के बहाने संबंध बनाता था प्रोफेसर, एक दिन हुआ कुछ ऐसा कि….

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नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक राजकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर को नंबर ज्यादा देने के बहाने संबंध बनाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। प्रोफेसर के अलवा दो और लोगों को निलंबित किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपों के बाद हरियाणा महिला आयोग की एक टीम ने कॉलेज का दौरा किया। आयोग की टीम ने कहा कि कॉलेज में ऐसे मामलों से निपटने के लिए आंतरिक शिकायत समिति सक्रिय नहीं है।

कॉलेज की ही एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि परीक्षा में पास कराने के नाम पर कॉलेज का एक एसोसिएट प्रोफेसर, लैब अटेंडेंट आदि छात्राओं का यौन शोषण करते हैं।

इस मामले में आयोग की सदस्य रेणु भाटिया ने बताया कि उन्होंने छात्रा से मुलाकात की और उससे घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश पैदा हो गया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कैथल के विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

 

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राहुल गांधी के बयान पर भड़की शिवसेना, दे डाली ये नसीहत

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नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर दिए बयान पर अब शिवसेना और कांग्रेस पार्टी के बीच तलवारें खिचती नजर आ रही हैं।

भारत बचाओ रैली के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर की दुहाई देते हुए कहा था कि वे ‘रेप इन इंडिया’ वाले अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।

इस बयान से शिवसेना तिलमिला गई है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राहुल गांधी पर पलटवार कर दिया। संजय राउत ने कहा, राहुल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को कांग्रेस नेता कुछ किताबें गिफ्ट करें।

संजय राउत ने मराठी में कहा, “हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें, बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर आज भी आप वीर सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे भी नायक बने रहेंगे, वीर सावरकर हमारे देश का गर्व हैं।”

बता दें कि राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की ओर से 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को कथित रूप से लिखे गए माफीनामे की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद रहने के दौरान लिखा था।

रेप पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी की ओर से माफी की मांग पर राहुल ने शनिवार को कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, राहुल गांधी है और वे मर जाएंगे पर कभी माफी नहीं मांगेंगे।

 

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