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लोकसभा चुनाव रिजल्ट से पहले फिर बनने लगा महागठबंधन, मुलाकातों का दौर हुआ तेज

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नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से पहले केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है।

23 मई को चुनाव परिणाम आने से ठीक पहले किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की सूरत में विपक्षी नेताओं ने अपने स्तर पर ‘मिशन सरकार’ पर काम करना शुरू कर दिया है।

तेलुगु देशम पार्टी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विपक्षी नेताओं को एकजुट करने की सभी दलों के नेताओं से मिलना शुरू कर दिया है।

दक्षिण के 2 बड़े नेता मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और टीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव विपक्ष को एकजुट करने के झंडाबरदार बनकर सामने आए हैं।

नायडू शनिवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। राहुल से मुलाकात के बाद वो मायावती और अखिलेश से मिलने के लिए लखनऊ रवाना हो जाएंगे।

महागठबंधन की चर्चा इस लिए भी जोरों पर क्योंकि पिछले दिनों कांग्रेस ने यह साफ कर दिया था कि बीजेपी को सत्ता से रोकने के लिए वह हर फॉर्मूले पर राजी है।

नायडू के अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने में जुटे हैं। इसके लिए केसीआर पिछले दिनों केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन से मुलाकात कर चुके हैं।

विजयन के अलावा केसीआर सोमवार चेन्नई जाकर डीएमके नेता एमके स्टालिन से भी मिले। हालांकि बैठक सफल नहीं रही और डीएमके ने कांग्रेस का साथ छोड़ने से इंकार कर दिया।

अब देखना यह होगा कि 23 मई को चुनाव परिणाम आने से पहले विपक्षी दल एकजुट हो पाते हैं या रिजल्ट के बाद किसी और फॉर्मूले पर विचार होता है।

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विपक्षी दलों को ‘किसानद्रोही’ बताते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा पीएम को किसानों का भगवान

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शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा है कि कृषि सुधारों से संबंधित तीनों विधेयक किसानों के लिए वरदान हैं जिनसे किसानों की आय दोगुनी होगी। इन विधेयकों का विरोध करने वाले विपक्षी दल अन्नदाताओं के शुभचिंतक नहीं, बल्कि किसानद्रोही हैं। वे किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनकी ये कोशिशें सफल नहीं होने दी जाएंगी। चौहान ने आगे कहा।
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