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अलवर में फिर फैली सनसनी, एंबुलेंस ड्राइवर और कंपाउंडर ने मुंह में कपड़ा ठूंसकर किया महिला से गैंगरेप

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जयपुर। राजस्थान के अलवर में गैंगरेप की वारदात के एक हफ्ते के भीतर एक दूसरी घटना सामने आई है। यहां कठूमर के सरकारी अस्पताल के डिलीवरी रूम में एक महिला से 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और कंपाउंडर ने बलात्कार किया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता अलवर के कठमूर की रहने वाली है।

पीड़िता ने अपने दिए बयान में कहा कि पांच मई को मैं अपनी बहू की डिलीवरी कराने कठूमर स्थित सरकारी हॉस्पिटल पहुंची। मैंने वहां बहू की सहायता के लिए अटेंडर के रूप में वहां मौजूद थी।

सात मई की रात करीब आठ बजे ड्यूटी पर तैनात एक कंपाउंडर मेरे पास आया और उसने प्रसूता के नाम पर कागज बनवाने के लिए कहा। इस बहाने से वह मुझे डिलीवरी रूम में ले गया जहां पर एंबुलेंस का ड्राइवर पहले से ही मौजूद था।

जैसे ही मैंने डिलीवरी रूम के अंदर गई तो कंपाउंडर ने गैलरी के गेट बंद कर दिए और उसे बेड पर पटक दिया। फिर मुंह में कपड़ा ठूंसकर ड्राइवर ने मेरे साथ रेप किया। फिर जैसे ही कंपाउंडर ने भी गलत काम करने की कोशिश की तो मैंने लात मार कर गिरा दिया।

जब मैंने शोर मचाया तो उन्होंने मुझे उन्होंने थप्पड़ मारे और धमकाया कि अगर वो किसी को बताएगी तो नवजात को जान से मार देंगे। समाज के डर से मैं पुलिस को कुछ नहीं बता सकी, लेकिन आखिर में हिम्मत जुटाकर मैंने मामला दर्ज करवाया।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीड़ित महिला का मेडिकल कराया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उधर, एसआई उदयभान सिंह ने बताया कि एम्बुलेंस चालक व कंपाउंडर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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मैदान में फुटबॉल प्रैक्टिस करा रहा था कोच, अचानक गिरी बिजली, और फिर….

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रांची। झारखंड के धनबाद में एक फुटबॉल कोच की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। प्रैक्टिस के दौरान अचानक फुटबॉल कोच पर बिजली गिर गई जिससे वह बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें पीएमसीएच ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एक प्रशिक्षु फुटबॉलर ने बताया कि कोच अभिजीत गांगुली उर्फ सोनू दा प्रैक्टिस करवा रहे थे। इसी बीच तेज आवाज के साथ आसमानी बिजली चमकी और सभी खिलाड़ी जमीन पर लेट गए। थोड़ी देर के लिए पूरे मैदान में अंधेरा छा गया। जब सभी उठे तो देखा कि कोच गिरे पड़े हुए थे, उनका पूरा शरीर झुलसा हुआ था।

संजय ने बताया कि हादसे के बाद हम तुरंत उन्हें उठाकर इलाज के लिए असर्फी अस्पताल पहुंचे, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने उन्हें पीएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया।

खिलाड़ियों ने अपने गुरु को पीएमसीएच ले जाने के लिए वहां एंबुलेस खोजी, लेकिन उन्हें एंबुलेंस तो खड़ी मिली लेकिन उसका ड्राइवर नदारद था। इसके बाद अभिजीत दा के शिष्य बिना समय गंवाए उन्हें अपनी स्कूटी से ही पीएमसीएच लेकर पहुंचे, लेकिन वो बच नहीं सके।

 

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