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राजीव गांधी ने INS विराट को ‘टैक्‍सी’ बना दिया था: पीएम मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने विमान वाहक पोत आईएनएस विराट और इसके कर्मियों का इस्तेमाल निजी छुट्टियां मनाने के लिए किया था जिस दौरान उनके विदेशी ससुरालवाले उनके साथ थे। राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी ने अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में आयोजित एक चुनावी रैली में यह बात कही। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के इन आरोपों के जवाब में यह बात कही कि रक्षा बलों का भाजपा राजनैतिकरण कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने पाकिस्तान के आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक के बाद भाजपा नेताओं के ‘मोदी की सेना’ के बयानों के हवाले से यह मुद्दा उठाया है। पीएम मोदी ने कहा, “किसने रक्षा बलों के साथ निजी संपत्ति जैसा व्यवहार किया है? क्या आपने कभी सुना है कि कोई परिवार छुट्टी मनाने के लिए युद्धपोत से गया हो? ऐसा हमारे देश में हुआ है। नामदार परिवार ने आईएनएस विराट का इस्तेमाल निजी संपत्ति की तरह से किया था। उन्होंने इसका अपमान किया।”

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि आईएनएस विराट को उसकी तैनाती वाली जगह से हटाकर राजीव गांधी के ससुराल के लोगों को लाने के लिए भेजा गया और उन्हें इसी युद्धपोत से एक द्वीप पर भेजा गया। द्वीप पर इनकी आवभगत करने वाला कोई नहीं था, इसलिए सारा इंतजाम युद्धपोत के कर्मियों ने किया। उन्होंने कहा कि यह छुट्टी कोई एक दिन में नहीं खत्म हुई बल्कि दस दिन तक चली। इस दौरान युद्धपोत वहीं खड़ा रहा। पीएम मोदी ने कहा कि ‘क्या युद्धपोत पर विदेशियों की मौजूदगी देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं है? या फिर इसकी इजाजत बस इसलिए दे दी गई कि वह राजीव गांधी थे?’ उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के शासनकाल में 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया। दिल्ली में 12 मई को मत डाले जाएंगे।

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रेलवे में ख़त्म होगा खलासी सिस्टम, नहीं होंगी नई भर्तियां

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नई दिल्ली। अगर आप भी भारतीय रेलवे में नौकरी करने का सपना संजोए हुए हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। दरअसल रेलवे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आवास पर काम करने वाले ‘बंगला पियुन’ या खलासियों की नियुक्ति की औपनिवेशिक काल की प्रणाली को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है और इस पद पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को आदेश जारी किया।

रेलवे बोर्ड ने आदेश में कहा है कि टेलीफोन अटेंडेंट सह डाक खलासी (TADK) संबंधी मामले की समीक्षा की जा रही है. आदेश में कहा गया है, ‘टीएडीके की नियुक्ति संबंधी मामला रेलवे बोर्ड में समीक्षाधीन है इसलिए यह फैसला किया गया है कि टीएडीके के स्थानापन्न के तौर पर नए लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए और न ही तत्काल नियुक्ति की जानी चाहिए।

आदेश में कहा गया है, ‘इसके अलावा, एक जुलाई 2020 से इस प्रकार की नियुक्तियों को दी गई मंजूरी के मामलों की समीक्षा की जा सकती है और इसकी स्थिति बोर्ड को बताई जाएगी। इसका सभी रेल प्रतिष्ठानों में सख्ती से पालन किया जाए।

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