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क्यों किया तेज बहादुर यादव का नामांकन रद? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

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नई दिल्ली। वाराणसी लोकसभा सीट से तेज बहादुर यादव का नामांकन रद किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई की।

उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में चुनाव आयोग से कल तक जवाब तलब किया है। चुनाव आयोग के जवाब के बाद ही कोर्ट तेजबहादुर के चुनाव लड़ने पर फैसला सुनाएगा।

आपको बता दें कि सपा ने तेज बहादुर को वाराणसी संसदीय सीट से पीएम मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था। लेकिन नामांकन पत्र में गड़बड़ी के चलते उनका नामांकन रद कर दिया गया।

निर्वाचन अधिकारी ने यादव का नामांकन पत्र यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उसने वह प्रमाणपत्र जमा नहीं किया जिसमें यह स्पष्ट किया गया हो कि उसने भ्रष्टाचार या विश्वासघात की वजह से बर्खास्त नहीं किया गया।

तेज बहादुर यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि आयोग का निर्णय भेदभावपूर्ण और अतार्किक है तथा इसे खारिज किया जाना चाहिए।

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हैदराबाद एनकांउटर केसः सीजेआई बोले-बदले की भावना से किया गया न्याय सही नहीं

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नई दिल्ली। हैदराबाद में गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबडे की प्रतिक्रिया सामने आई है।उन्होंने गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना की आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो अपना मूल चरित्र खो देता है। जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में जस्टिस एस ए बोबड़े ने कहा, “मैं नहीं समझता हूं कि न्याय कभी भी जल्दबाजी में किया जाना चाहिए, मैं समझता हूं कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो ये अपना मूल स्वरूप खो देता है।”

इस दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी वहीं मौजूद थे। जस्टिस जोधपुर में एक कार्यक्रम में जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि न्याय कभी भी आनन-फानन में किया नहीं जाना चाहिए।

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