Connect with us

प्रादेशिक

यूपी बोर्ड परीक्षा में फेल हुए छात्रों के लिए खुशखबरी, नए नियम से सभी हो जाएंगे पास

Published

on

लखनऊ। बीते दिन यानी शनिवार को यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद पास हुए छात्रों के चेहरे पर मुस्कान दिख रही थी वहीं फेल हुए छात्रों के चेहरे पर निराशा।

लेकिन जो छात्र-छात्राएं फेल हो गए हैं उन्हें अब निराश होने की जरुरत नहीं। नए नियम के मुताबिक अब फेल हुए सभी स्टूडेंट्स पास हो सकेंगे।

इस बार जारी हुए रिजल्ट में कुछ छात्र ऐसे भी होंगे जो एक दो विषयों में फेल हो जाने की वजह से पास नहीं हो सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को निराश होने की जरुरत नहीं है।

सभी विषयों में फेल स्टूडेंट्स भी स्क्रूटनी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन इसमें कॉपी की री-चैकिंग नहीं होती। सिर्फ पाए मार्क्स फिर से जोड़े जाते हैं।

-सप्लिमेंट्री/कम्पार्टमेंट के जरिए भी छात्र पास हो सकते हैं। लेकिन यह सुविधा इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए है। इसमें 24 नंबर का ग्रेस मार्क सभी विषयों को मिलाकर मिलेगा।

  1. कोई भी फेल या पास छात्र अगर अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है तो यह आप्शन अपना सकता है. वह सभी विषयों की स्क्रूटनी के लिए अप्लाई कर सकता है।
    2. इसके लिए प्रति विषय के लिए 100 रुपए का शुल्क ट्रेजरी में जमा करना होगा. लखनऊ में एसबीआई की ट्रेजरी ब्रांच में पूरा फॉर्म भरकर स्कूल से सत्यापित कराकर जमा कर सकते हैं। इसी तरह अन्य जिलों में भी एसबीआई की ट्रेजरी शाखा में छात्र फॉर्म और शुल्क जमा कर सकते हैं।
    3. रिजल्ट घोषित होने के 30 दिन के अंदर ही स्क्रूटनी के लिए अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए पूरा फॉर्म इलाहाबाद स्थित यूपी बोर्ड के कार्यालय में स्पीड पोस्ट के जरिए 30 दिन के भीतर जमा करवाना अनिवार्य है।
    4. स्क्रूटनी में सिर्फ टोटलिंग का प्रावधान है।

    सप्लिमेंट्री/ कम्पार्टमेंट के क्या हैं नियम
    1. इसके लिए छात्र या छात्रा को हिंदी विषय में पास होना जरुरी है।
    2. सप्लिमेंट्री एग्जाम के नियम ठीक उसी तरह से है जैसा की बोर्ड एग्जाम में होता है. बोर्ड सप्लिमेंट्री परीक्षा की तिथि घोषित करता है, उसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है। इसके लिए छात्र को 350 रुपए फीस जमा करनी होगी।

प्रादेशिक

13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

Published

on

लखनऊ। 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ सोमवार को बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

यह जानकारी भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने देते हुए कहा कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है, खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा की इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार  सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है।

आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है। महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending