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यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वालों के लिए बुरी खबर, जानकर रह जाएंगे दंग!

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नई दिल्ली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स के लिए बुरी खबर है। लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे परीक्षार्थियों को अब परीक्षा परिणामों के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि लोकसभा चुनावों के कारण व्यस्त उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से अब तक रिजल्ट जारी करने को लेकर हरी झंडी नहीं मिल सकी है।

अधिकारियों के मुताबिक अगर बुधवार को इस पर कोई फैसला होता है तो 26 अप्रैल तक रिजल्ट घोषित किए जा सकते हैं। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव 17 अप्रैल को ही दिल्ली रवाना हो गईं थीं।

प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिव भी दिल्ली पहुंचकर रिजल्ट को अंतिम रूप दे चुके हैं। परिणाम दो दिन पहले ही फाइनल हो चुका है।

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा स्वयं रिजल्ट की तारीख घोषित नहीं कर सकते। इसके बावजूद अफसरों को औपचारिक अनुमति लेनी है। परीक्षा दो मार्च को ही खत्म हो गई थी और मूल्यांकन 25 मार्च को पूरा हो गया था।

बोर्ड के सूत्रों की मानें तो मूल्यांकन पूरा होने के 30 दिन बाद परिणाम जारी हो जाता है। उस लिहाज से अब देरी हो रही है। परीक्षा में शामिल 50 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

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लखनऊ। 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ सोमवार को बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

यह जानकारी भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने देते हुए कहा कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है, खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा की इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार  सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है।

आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है। महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।

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