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बिजनेस

मात्र 150 रुपए में मिल रही है 2000 की ब्रांडेड जींस, बस करना होगा ये काम

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नई दिल्ली। अगर आप जींस पहनने के शौकीन हैं और कम दामों में खरीदना चाहते हैं तो खबर आपके लिए है। आज हम आपको कपड़ों के एक ऐसे बाजार के बारे में बताने जा रहें हैं जहां आपको मात्र 150 रुपए में जींस मिल जाएगी वहीं टी-शर्ट के लिए आपको सिर्फ 90 रुपए खर्च करने होंगे।

ये बाजार देश की राजधानी दिल्ली के सुभाष रोड स्थित गांधी नगर में है। इस बाजार को देश के सबसे सस्ते रेडिमेड बाजार में से एक माना जाता है, जहां पर जींस, टी-शर्ट और शर्ट को थोक के भाव में खरीदा-बेचा जाता है। इतना ही नहीं दावा किया जाता है कि जो जींस किसी दुकान या शोरुम में एक हजार रुपए के करीब मिलती है, वो यहां सिर्फ 150 रुपए में मिल जाती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस थोक बाजार के ज्यादातर दुकानदार खुद जींस और शर्ट बनाने की फैक्ट्री लगा रखी है। वो कपड़ा खरीदकर अलग- अलग साइज और डिजाइन के जींस तैयार करवाते हैं फिर इन्हें इस बाजार में लाकर आसानी से बेच पाते हैं। बातचीत के दौरान वहां के एक दुकानदार ने बताया कि इस मार्केट में जींस के दाम की शुरूआत 150 रुपए से हो जाती है।

दुकानदार के अनुसार, ये थोक बाजार है, इसलिए यहां एक जींस, टी-शर्ट या शर्ट नहीं दिया जाता है। अगर इस बाजार में खरीदारी करनी है तो कम से कम एक जैसी कीमत वाले पांच या फिर उससे ज्यादा जींस, शर्ट और टी-शर्ट लेने होते हैं। तो देर किस बात की अगर आपको भी सस्ती जींस, टी-शर्ट और शर्ट चाहिए तो फटाफट उठिए और पहुंच जाइए इस मार्केट में।

 

प्रादेशिक

Corona Protection : आदर्श कारागार में हो रहा मास्क का रिकॉर्ड उत्पादन

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लखनऊ। राजधानी के आदर्श कारागार ने कोरोना से बचाव के लिए मास्क बनाने में प्रदेश के सभी जेलों को पीछे छोड़ दिया है। इस जेल में अभी तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। यह जेल यहाँ निर्मित मास्क को सिर्फ जेलों में ही नही प्रदेश के स्वास्थ, पुलिस समेत अन्य विभागों को भी उपलब्ध करा रही है। जेल प्रशासन ने मास्क की बिक्री कीमत मात्र 5 रुपए रखी है।

आदर्श कारागार एशिया की एकमात्र जेल है जहाँ रहकर कैदी जेल के बाहर रहकर व्यवसाय करने के साथ परिवार का भी संचालन करते है। दुनिया मे कोरोना वायरस से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए महानिदेशक/ महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने मास्क बने जाने का निर्णय लिया। इसके तरह प्रदेश की कई जेलों में मास्क का निर्माण कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी की आदर्श कारागार ने मास्क निर्माण में रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया है। इस कारागार में अब तक 35 हज़ार से अधिक मास्क बनाये जा चुके है। मास्क का उत्पादन लगातार चल रहा है। आदर्श कारागार के सुपरिटेंडेंट आरएन पांडेय से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कैदियों के द्वारा निर्मित मास्क की कीमत 5 रुपये रखी गयी है।

पांडेय का कहना है कि मास्क सस्ता होने की वजह से पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय सीतापुर ने 6000 मास्क की डिमांड की थी उन्हें 2000 भेजे जा चुके है। इसी प्रकार पुलिस हेल्पलाइन 112 ने भी उनसे 2000 की डिमांड की थी उन्हें उपलब्ध करा दिए गए है। इस क्रम में निदेशक स्वास्थ, आरआई पुलिस लाइन समेत अन्य कई विभागों को अब तक 35 हज़ार 192 मास्क उपलब्ध कराए जा चुके है।

सुपरिटेंडेंट आदर्श कारागार पांडेय का कहना है कि मास्क की कीमत कम होने की वजह से डिमांड बहुत है।उत्पादन के हिसाब से विभागों को मास्क उपलब्ध कराए जा रहे है। इसका उत्पादन फिलहाल जारी है। मास्क निर्माण कार्य मे बड़ी संख्या में कैदी लगाये गए है। वह दिनरात मेहनत कर डिमांड को पूरा करने में जुटे हुए है।

प्रदेश की जेलों में मास्क निर्माण की जानकारी लेने के लिए जब महानिदेशक/ महानिरीक्षक आनंद कुमार से बात करने को कोशिश की गई तो उनला फ़ोन नही उठा। उधर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वीके जैन ने बताया कि प्रदेश की जेलों में अब तक 1 लाख 12 हज़ार से अधिक मास्क का निर्माण किया जा चुका है। मास्क निर्माण का कार्य लगातार जारी है।

रिपोर्ट – राकेश यादव

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