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इलाज के दौरान ब्राह्मण डॉक्टर को हो गया था आंबेडकर से प्यार, फिर एक दिन अचानक घर में…..

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नई दिल्ली। भारतीय संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का आज जन्मदिन है। इस खास मौके पर आज हम उनसे जुड़ी एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो शायद ही किसी को पता होगी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि अंबेडकर ने दो शादियां की थी। उनकी दूसरी शादी सविता से हुई थी। संभ्रात मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मी सविता पेशे से डॉक्टर थीं।

साल 1947 के आसपास बाबासाहेब डायबिटीज, ब्लड प्रेशर से काफी परेशान थे। बीमारी की वजह से उनके पैरों में दिक्कत काफी बढ़ गई थी। जिसके बाद मुंबई की डॉक्टर सविता ने उनका इलाज शुरू किया।

वह पुणे इलाज के दौरान वह डॉक्टर आंबेडकर के करीब आईं. दोनों की उम्र में अंतर था। 15 अप्रैल 1948 को आंबेडकर ने अपने दिल्ली स्थित आवास में उनसे शादी कर ली।

शादी के बाद दोनों को अपने-अपने वर्ग की नाराजगी झेलनी पड़ी। आंबेडकर के बेटे और नजदीकी रिश्तेदारों इस शादी के सख्त खिलाफ थे। रिश्तेदारों में यह खटास जिंदगी भर बनी रही।

लेकिन इन सब विवादों से दूर सविता माई (बाद में उन्हें माई ही कहा जाने लगा था) ने पूरी निष्ठा के साथ मरते दम तक आंबेडकर का ख्याल रखा. उनकी सेवा में जुटी रहीं।

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बीजेपी प्रत्याशी ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर दिया विवादित बयान

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लखनऊ। 2019 के लोकसभा चुनाव में नेताओं के विवादित टिप्पणियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस कड़ी में बलिया लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी और भदोही से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विवादित बयान दे दिया।

वीरेंद्र ने कहा कि ‘किसान खाता भी है और खिलाता भी है। मैंने पीएम मोदी से कहा कि वो किसानों के लिए भी सरकारी नौकरी की तरह 60 साल की उम्र के बाद पेंशन योजना लागू करें।

उन्होंने कहा, “मैंने मोदी से कहा कि किसानों को सालाना 12 हजार रुपये खेती के लिए मिलना चाहिए तो मोदी ने बजट का हवाला देकर 6 हजार देने का ऐलान कर दिया।”

वीरेंद्र ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पैसा जो किसानों को मिल रहा है वो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के बाप का पैसा नहीं है, यह आपका पैसा है।

माना जा रहा है कि बीजेपी सांसद ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेताओं की आलोचना करके विपक्ष को हमलावर होने का एक और मौका दे दिया है। बलिया के स्थानीय विपक्षीय नेता वीरेंद्र सिंह के बयान को जरूर चुनावों में उछाल सकते हैं।

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