Connect with us

नेशनल

योगी आदित्यनाथ को आजम खान का जवाब, रैली में लगवाए ‘बजरंग अली’ के नारे

Published

on

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अली और बजरंग बली वाले बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से उम्मीदवार आजम खान भी इस सियासी बयानबाजी में कूद पड़े हैं।

उन्होंने बजरंग अली का नारा देकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। आजम ने अली और बजरंगबली का मुद्दा उठाते हुए बजरंगबली की जगह ‘बजरंगअली’ का नारा लगवाया। आजम यहीं नहीं रुके, रैली के दौरान उन्होंने पीएम मोदी को पाकिस्तान का एजेंट तक बता दिया।

रामपुर में गुरुवार को एक आमसभा को संबोधित करते हुए आजम खान ने कहा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने बयान दिया है कि अगर पीएम मोदी फिर सत्ता में आते हैं तो दोनों देशों के बीच विवाद सुलझ जाएगा। आजम खान ने कहा कि मोदी-इमरान की ये कैसी मिलीभगत है?

उन्होंने कहा, “आप कल नवाज शरीफ के दोस्त थे और आज इमरान खान आपके दोबारा प्रधानमंत्री बनने का इंतजार कर रहा है. बताओ लोगों पाकिस्तान का एजेंट मैं हूं या पाकिस्तान का एजेंट…”. (भीड़ की आवाज आती है-मोदी है-मोदी है)।

अली और बजरंग मामले पर लोगों से अपील करते हुए कहा, “आपस के रिश्ते को अच्छा करो, अली और बजरंग में झगड़ा मत कराओ, मैं तो एक नाम दिए देता हूं बजरंग अली।”

आगे उन्होंने सीएम योगी को घेरते हुए कहा, “मेरा तो दिल कमजोर नहीं हुआ। योगी जी।  आपने कहा था कि हनुमान जी दलित थे। फिर किसी ने कहा हनुमान जी ठाकुर थे। फिर पता चला कि वे ठाकुर नहीं थे, वे जाट थे। फिर किसी ने कहा कि वे हिंदुस्तान के थे ही नहीं, वे तो श्रीलंका के थे। एक मुसलमान एमएलसी ने कहा कि हनुमान जी मुसलमान थे।  तब जाकर झगड़ा ही खत्म हो गया। अब हम अली और बजरंग एक हैं।”

इसके बाद उन्होंने कहा- “बजरंग अली तोड़ दो दुश्मन की नली, बजरंग अली ले लो जालिमों की बलि।”

बता दें कि इससे पहले बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती द्वारा दलितों से चुनाव में वोट करने की अपील और भारतीय जनता पार्टी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अली-बजरंग बली मामले को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की जा चुकी है।

 

नेशनल

पार्टी छोड़ते ही प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर किया बड़ा हमला, कह दी ये बड़ी बात

Published

on

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी आखिरकार शिवसेना में शामिल हो गईं। शनिवार को प्रियंका ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

शिवसेना में शामिल होते ही प्रियंका कांग्रेस पर हमलावर हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया।

उन्होंने कहा कि मैं मुंबई के लिए काम करना चाहती हूं यही कारण है कि इस दल में शामिल हुई हूं। प्रियंका बोलीं कि कांग्रेस में जब कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की, लेकिन वापस उन्हें पार्टी में जगह दी जाती है इससे उनके आत्मसम्मान को ठोस पहुंचीं। प्रियंका ने कहा कि मुझे पता है अब मेरे ऊपर सवाल उठाए जाएंगे, पिछले ट्वीट्स को उछाला जाएगा।

लेकिन मैंने सोच समझकर ये फैसला लिया है। मुझे उम्मीद थी कि उन्हें लोकसभा का टिकट जरूर मिलेगा, लेकिन मैं उससे निराश नहीं थी।

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending