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7000 गरीब बच्चों का सहारा बना जेकेपी, बांटी दैनिक उपयोगी वस्तुएं

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मनगढ़। जगद्गुरु कृपालु परिषत पिछले कई वर्षों से गरीबों, निर्धन छात्रों व असहाय लोगों की मदद के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है। इसी कड़ी में रविवार 7 अप्रैल 2019 को भक्ति धाम, मनगढ़ में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले 7000 बच्चों को सॉस पैन के साथ कप सेट का वितरण किया गया।

जगद्गुरु कृपालु परिषत की अध्यक्षाओं सुश्री डॉ विशाखा त्रिपाठी जी, सुश्री डॉ श्यामा त्रिपाठी जी और सुश्री डॉ कृष्णा त्रिपाठी ने अपने कर-कमलों से इन उपयोगी सामानों को बच्चों को प्रदान किया। इससे पहले 27 मार्च 2019 को 10,000 निर्धनों को एक-एक स्टील की परात, तौलिया और टॉर्च प्रदान की गई थी।

जेकेपी समय-समय पर ग्रामीण बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उनमें उपयोगी वस्तुओं का वितरण किया करता है। जेकेपी का उद्देश्य क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में रह रहे बच्चों को शिक्षा उपलब्‍ध कराने के साथ-साथ अन्य दैनिक जरूरतें पूरी करना भी हैं, ताकि उनका जीवन सुचारु रूप से चल सके।

बता दें कि जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की सुपुत्रियाँ डॉ. विशाखा त्रिपाठी, डॉ. श्यामा त्रिपाठी और डॉ. कृष्णा त्रिपाठी जेकेपी की अध्यक्ष हैं। ये तीनों बेटियां श्री महाराज जी के दिखाये मार्ग का अनुसरण करते हुए उन्हीं की तरह निरन्तर सामाजिक उत्थान के कार्यों में पूरी तरह से समर्पित हैं और इन्‍हीं के कुशल नेतृत्‍व में शिक्षण संस्‍थाएं अपने उद्देश्‍यों को पूरा करने में तत्‍पर हैं।

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13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

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लखनऊ। 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ सोमवार को बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

यह जानकारी भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने देते हुए कहा कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है, खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा की इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार  सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है।

आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है। महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।

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