Connect with us

अन्तर्राष्ट्रीय

मार्केट में आया नया कंडोम, पार्टनर की सहमति के बाद ही खुलेगा लॉक!

Published

on

नई दिल्ली। मार्केट में एक नया कंडोम इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है। कंडोम की खासियत जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। कंपनी का दावा है कि कंडोम पार्टनर की सहमति के बाद ही इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक कंडोम के पैकेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दो लोगों के बिना ये नहीं खुल सकता।

पैकेट को खोलने के लिए एक ही वक्त में चार प्वाइंट पर प्रेस करना होता है। कंडोम के पैकेट के चार कोनों पर खोलने के लिए प्वाइंट बनाए गए हैं। यानी दो लोग, अगर दोनों हाथों से इसे एक साथ खोलेंगे, तभी इसका पैकेट खुलेगा।

कंपनी का कहना है कि इस तरह के प्रयोग से सहमति का वातावरण तैयार होगा और फैसले में दोनों बराबरी के भागीदार होंगे।इस अनोखे कंडोम को अर्जेंटीना की एक कंपनी Tulipán ने तैयार किया है। इसके पैकेट पर लिखा है- ‘अगर ये हां नहीं है, ये ना है।’

इसी साल इस प्रॉडक्ट को औपचारिक तौर से लॉन्च किया जाएगा. हालांकि, फिलहाल फ्री सैंपल के रूप में कंडोम को बार में कपल को दिया जा रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने यूएई में की रुपे कार्ड की शुरुआत

Published

on

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई में शनिवार को रुपे कार्ड की शुरुआत की और इस कार्ड का इस्तेमाल कर एक किलो लड्डू भी खरीदा। यह कार्ड मास्टरकार्ड या वीजा कार्ड के समकक्ष होगा।

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने अमीरात पैलेस में इस कार्ड के लॉन्च के दौरान घोषणा की कि मध्य पूर्व में संयुक्त अरब अमीरात पहला ऐसा देश है, जहां रुपे कार्ड की शुरुआत की गई। यूएई में अगले हफ्ते से कई प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों या दुकानों में इसे स्वीकार किया जाएगा।

मोदी ने अपने रुपे कार्ड का उपयोग लॉन्च के दौरान यहां स्थापित किए गए एक मॉक छप्पन भोग अबू धाबी आउटलेट से लड्डू खरीदे।

छप्पन भोग के मालिक और प्रबंध निदेशक विनय वर्मा ने खलीज टाइम्स को बताया, “कार्ड का उपयोग कर उन्होंने एक किलो मोतीचूर के लड्डू खरीदे।”

राजदूत सूरी ने कहा कि यूएई में तीन बैंक अमीरात एनबीडी, बैंक ऑफ बड़ौदा और फैब अगले हफ्ते से इसे जारी करना शुरू कर देंगे।

यूएई के मरक्यूरी पेमेंट सर्विसेज और भारत के नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन के बीच दोनों देशों बीच भुगतान प्लेटफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी इंटरफेस स्थापित करने के लिए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान किया गया।

लुलु फाइनेंशियल ग्रुप के प्रबंध निदेशक अदीब अहमद ने कहा कि कम ट्रांजक्शन प्रॉसेसिंग शुल्क रुपे को बैंक, व्यापारियों और ग्राहकों के लिए आर्थिक रूप से अधिक उपयोगी बनाता है और समाज के एक बड़े हिस्से तक पहुंचने के लिए व्यापार द्वारा इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “यूएई में आने वाले पर्यटकों में भारतीय सबसे ज्यादा होते हैं, जो अब यहां रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगे, क्योंकि अधिक रणनीतिक साझेदारी इसे और अधिक उपयोगी बनाएगी।”

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending