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इन 07 देशों में लोगों को नहीं देना पड़ता इनकम टैक्स

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नई दिल्ली। भारत में लोगों की आय 2.5 लाख रुपए से ज्यादा होने पर उन्हें इनकम टैक्स देना पड़ता है। टैक्स को इक्ठ्ठा कर सरकार लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाए लाती है।

आज हम आपको कुछ ऐसे देशों के बारे में बताएंगे जो वहां के लोगों के लिए जन्नत से कम नहीं। जहां लोगों को इनकम टैक्स से पूरी तरह छूट मिली हुई है। आईए जानते हैं कौन से हैं वो देश…

उत्तर अमेरिकी महाद्वीप के कैरिबियन क्षेत्र में स्थित देश बहामास में लोगों को कोई इनकम टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। यहां लोगों की चाहे कितनी भी आमदनी हो उन्हें सरकार को टैक्स नहीं देना पड़ता है। हालांकि सभी कर्मचारी और जो स्वरोजगार हैं, उन्हें अपने वेतन से राष्ट्रीय बीमा का भुगतान करना होता है और यह नियम गैर-निवासियों पर भी लागू होता है।

बहामास की तरह ओमान में इनकम टैक्स नहीं लगता। यहां कर के रूप में कवेल 12 से 15 फीसदी कॉर्पोरेट टैक्स देना पड़ता है।सउदी अरब में भी लोगों के वेतन पर कोई टैक्स नहीं लगता है। लेकिन अगर आपका  खुद का बिजनेस है तो आपको 20 फीसदी टैक्स सरकार को देना पड़ेगा।

उत्तर अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन के प्रवासी क्षेत्र बरमूडा में केवल पे-रोल टैक्स है जो आपके वेतन से काटा जा सकता है। इसके अलावा इस देश में और कोई टैक्स नहीं लगता।

कतर में तेल का अथाह भंडार है, जिसकी बदौलत इस देश के लोग भी काफी अमीर है, लेकिन इसके बावजूद यहां इनकम टैक्स नहीं लगता। किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी पर आयकर, लाभांश (डिविडेंड), पूंजीगत लाभ और धन या संपत्ति के हस्तांतरण (ट्रांसफर) पर कोई टैक्स नहीं है।

इंडोनेशिया के पास स्थित देश ब्रुनई में भी किसी भी तरह का निजी इनकम टैक्स नहीं है। यहां सिर्फ एक कर्मचारी ट्रस्ट फंड और सप्लीमेंटल कंट्रीब्यूटरी (अनुपूरक अंशदायी) पेंशन योजना है, जिसमें लोगों को पैसे जमा करने पड़ते हैं। कुवैत में भी हर नागरिक को इनकम टैक्स से मुक्ति मिली हुई है। यहां लोगों को केवल सामाजिक बीमा में कुछ पैसे देने होते है।

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पीएम मोदी ने यूएई में की रुपे कार्ड की शुरुआत

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नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई में शनिवार को रुपे कार्ड की शुरुआत की और इस कार्ड का इस्तेमाल कर एक किलो लड्डू भी खरीदा। यह कार्ड मास्टरकार्ड या वीजा कार्ड के समकक्ष होगा।

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने अमीरात पैलेस में इस कार्ड के लॉन्च के दौरान घोषणा की कि मध्य पूर्व में संयुक्त अरब अमीरात पहला ऐसा देश है, जहां रुपे कार्ड की शुरुआत की गई। यूएई में अगले हफ्ते से कई प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों या दुकानों में इसे स्वीकार किया जाएगा।

मोदी ने अपने रुपे कार्ड का उपयोग लॉन्च के दौरान यहां स्थापित किए गए एक मॉक छप्पन भोग अबू धाबी आउटलेट से लड्डू खरीदे।

छप्पन भोग के मालिक और प्रबंध निदेशक विनय वर्मा ने खलीज टाइम्स को बताया, “कार्ड का उपयोग कर उन्होंने एक किलो मोतीचूर के लड्डू खरीदे।”

राजदूत सूरी ने कहा कि यूएई में तीन बैंक अमीरात एनबीडी, बैंक ऑफ बड़ौदा और फैब अगले हफ्ते से इसे जारी करना शुरू कर देंगे।

यूएई के मरक्यूरी पेमेंट सर्विसेज और भारत के नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन के बीच दोनों देशों बीच भुगतान प्लेटफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी इंटरफेस स्थापित करने के लिए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान किया गया।

लुलु फाइनेंशियल ग्रुप के प्रबंध निदेशक अदीब अहमद ने कहा कि कम ट्रांजक्शन प्रॉसेसिंग शुल्क रुपे को बैंक, व्यापारियों और ग्राहकों के लिए आर्थिक रूप से अधिक उपयोगी बनाता है और समाज के एक बड़े हिस्से तक पहुंचने के लिए व्यापार द्वारा इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “यूएई में आने वाले पर्यटकों में भारतीय सबसे ज्यादा होते हैं, जो अब यहां रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगे, क्योंकि अधिक रणनीतिक साझेदारी इसे और अधिक उपयोगी बनाएगी।”

 

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