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जब शाहरुख के घर डिनर पार्टी में अपना टिफिन लेकर पहुंच गए आमिर खान..

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मुंबई। बॉलीवुड एक्टर आमिर खान और शाहरुख खान इन दिनों अपने-अपने कामों के कारण सुर्खियां बना रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में शामिल हुए मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने अपनी एक दिलचस्प कहानी सुनाई कि एक बार शाहरुख खान के घर दावत में शामिल होने के लिए जाते समय वह अपना खाना अपने साथ लेकर गए।

आमिर ने कहा, “जब मैं बाहर गया तो मैंने अपना टिफिन लिया और मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। आप जब शाहरुख से मिलें तब उनसे पूछना तो वह आपको यह मजेदार कहानी सुनाएंगे। जब एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक को भारत आना था तो शाहरुख ने अपने घर पर हमें रात्रिभोज पर आमंत्रित किया था। जब गौरी ने मुझसे खाना खाने के लिए पूछा मैंने कहा हां, मैं खाना खाऊंगा और मैं अपना टिफिन लाया हूं और सिर्फ वही खाना खाऊंगा क्योंकि मैं बहुत कठोर डाइट का पालन कर रहा हूं। यह घटना तब की है जब मैं फिल्म दंगल कर रहा था।”

फिल्मों की बात करें तो आमिर ने अपने जन्मदिन पर अपनी नई परियोजना ‘लाल सिंह चड्ढा’ की घोषणा की। यह फिल्म टॉम हैंक्स की फॉरेस्ट गम्प से प्रेरित है। अभिनेता इस फिल्म के लिए 20 किलोग्राम वजन कम कर रहे हैं।

प्रादेशिक

13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का लखनऊ में हुआ शुभारम्भ

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लखनऊ। 13वीं राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ सोमवार को बाबू के.डी.सिंह स्टेडियम के बहुउद्देशीय हाल में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े और खेल निदेशक डा. आर.पी.सिंह  ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

यह जानकारी भारतीय कुंग फू फेडरेशन की महासचिव मंजू त्रिपाठी ने देते हुए कहा कि आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुंग फू प्रतियोगिता का शुभारम्भ शुरू हो गया। इस प्रतियोगिता में 18 राज्यों के 500 कुंग फू खिलाड़ी भाग लेंगे।

प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर भारतीय कुंग फू फेडरेशन के अध्यक्ष डा. सुधीर.एम. बोबड़े ने कहा कि आज इस खेल की समाज को आवश्यकता है, खास तौर से हमारी बहन-बेटियों को आत्मा रक्षा की इस कला को जरूर सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस खेल का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए। सरकार  सभी बच्चों को स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाए।

इस अवसर पर खेल निदेशक डा. आर.पी. सिंह ने कहा कि मार्शल आर्ट्स यानी कुंग फू खेल स्वस्थ भारत, समर्थ भारत और अनुशासित भारत तथा अनुशासित नागरिक तैयार कर सकता है।

आज अधिकतर युवा पीढ़ी खेलों से दूर होती जा रही है। खेलों के बजाय मोबाइल में लगकर अपना जीवन अंधकार में कर रहे है। महिला सशक्तिकरण के लिए ही यह खेल बहुत ही आवश्यक है। इस खेल के जरिए अपनी आत्मा रक्षा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस खेल को हर नागरिक को सीखना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय कुंग फू संघ के उपाध्यक्ष डा. चंद्र सेन वर्मा, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, उपनिदेशक शिक्षा कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार, जे.पी. शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति व भारी संख्या में जनता मौजूद थी।

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