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समुंद्र में डूब गईं एक साथ 2000 कारें, हैरान कर देने वाली वजह आई सामने!

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नई दिल्ली। पिछले मंगलवार को 2000 से ज्यादा महंगी कारें अटलांटिक महासागर में डूब गए। खबर सुनकर रह गए न हैरान? दरअसल, ब्राजील से इटली जा रहे एक इटैलियन मालवाहक जहाज अटलांटिक महासागर में डूब गया। इस जहाज में 2000 से भी ज्यादा लग्जरी कार थीं। यह कार लोगों को सप्लाई की जानी थी लेकिन दुर्घटनावश पहले ही समुंद्र में डूब गईं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

इन कारों में पोर्शे की भी कारें थीं। आपको बता दें कि पोर्शे कारों की कीमत बहुत ज्यादा होती हैं। हालांकि, जहाज के डूबने से किसी भी क्रू मेंबर कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जहाज का नाम ग्रांडे अमेरिका था और इसमें आउडी कंपनी की भी कई कारें लदी हुई थीं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बताया जा रहा है कि ये हादसा फ्रांस के तट से 150 माइल दूर अटलांटिक सागर के बीचोंबीच हुआ। जहाज जर्मनी के हम्बर्ग से मोरक्को के कसाब्लांका की तरफ जा रहा था। लेकिन कसाब्लांका के करीब पहुंचने पर इसे जहाज को ब्राजील की तरफ जाने को कहा गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जहाज अपनी तय दिशा में फ्रांस के ब्रेस्ट से दक्षिण पश्चिम दिशा में चल रहा था, तभी अचानक आग लग गई और जहाज समुद्र में समा गया। अरबों की कीमत की लग्जरी कारों के साथ जहाज सागर की गहराई में समा गया।

जहाज 15,000 फीट समुद्र की गहराई में डूब गया। मालवाहक जहाज में पोर्श और ऑडी समेत कई लग्जरी कारें थी जिन्हें ब्राजील में उनके ग्राहकों को सप्लाई करने के लिए ले जाया जा रहा था।

डूबी हुई प्रत्येक पोर्श कार की कीमत 3.88 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पोर्श का 911 GT2 RS मॉडल कुछ समय पहले ही लॉन्च हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जहाज के डूबने से कितना नुकसान हुआ है। इसके अलावा अन्य लग्जरी कारों में ऑडी भी शामिल थी।

इस मामले में जर्मन कंपनी पोर्शे ने अपने ग्राहकों को बताया कि उन्हें अपनी कार के लिए अब इंतजार करना पड़ेगा और कंपनी कुछ ही दिनों में नई मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू करने वाली है। कंपनी ने बताया कि जहाज में सभी लेटेस्ट मॉडल की कारें थीं।

कंपनी ने लिखा कि हमें ये बताते हुए दुख हो रहा है कि 28,000 टन का मालवाहक जहाज जो आपके कारों को लेकर जा रहा था, 12 मार्च को समुद्र में डूब गया जिसके कारण आपको आपकी कारें समय पर डिलीवर नहीं की जा सकती है। लेकिन खासतौर से आपके लिए हम नई कारें डिजाइन करेंगे और अप्रैल महीने में आपको ये डिलीवर कर दी जाएंगी।

 

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इस मुस्लिम देश के पहाड़ पर दिखे ‘भगवान राम’, देखें तस्वीर

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नई दिल्ली। इराक गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दो हजार ईसा पूर्व के भित्तिचित्र मिले हैं। इस भित्तिचित्र को लेकर अयोध्या शोध संस्थान का दावा है कि ये भगवान राम की छवि है।

भगवान राम का ये भित्तिचित्र इराक के होरेन शेखान क्षेत्र में संकरे मार्ग से गुजरने वाले रास्ते पर दरबंद-ई-बेलुला चट्टान में मिला है। इस चित्र में एक राजा को दिखाया गया है, जिसने धनुष पर तीर ताना हुआ है।

उनकी कमर के पट्टे में एक खंजर या छोटी तलवार लगी है। इसी चट्टान में एक और छवि भी है, जिसमें एक शख्स हाथ मुड़े हुए दिख रहा है। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि ये भगवान हनुमान की छवि है।

वहीं इराक के विद्वानों का कहना है कि ये भित्तिचित्र पहाड़ी जनजाति के प्रमुख टार्डुनी का है। भारतीय राजदूत प्रदीप सिंह राजपुरोहित की अगुआई में ये प्रतिनिधिमंडल इराक गया था। जिसके लिए संस्कृति विभाग के अंतर्गत आने वाले अयोध्या शोध संस्थान ने अनुरोध किया था।

प्रदीप सिंह का दावा है कि इन चित्रों से पता चलता है कि भगवान राम सिर्फ कहानियों में नहीं थे क्योंकि ये निशान उनके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। भारतीय और मेसोपोटामिया संस्कृतियों के बीच संबंध का विस्तृत अध्ययन करने के लिए भी इस प्रतिनिधिमंडल ने चित्रमय प्रमाण भी एकत्रित किए हैं।

वहीं इराक के इतिहासकार अयोध्या शोध संस्थान की  बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि वे इस चित्र को भगवान राम से जुड़ा नहीं मानते हैं।

उनका कहना है कि ये साबित करने के लिए गायब लिंक को खोजना जरूरी है। उनका कहना है कि उन्होंने शोध के लिए इराक की सरकार से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद सभी कड़ियों को जोड़ने का काम किया जाएगा।

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