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रैलियों में पानी की तरह बहाया जाता है पैसा, हेलीकॉप्टर का किराया जानकर उड़ जाएंगे होश!

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर तमाम छोटे बड़े राजनीतिक दलों ने जीत के लिए एड़ीचोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पीएम मोदी देशभर के अलग-अलग राज्यों में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।

इस बीच खबर आई है कि लोकसभा चुनाव की रैलियों में इस्तेमाल किए जाने वाले सारे हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर बुक हो चुके हैं जिसकी वजह से किराए पर विमान देने वाली कंपनियों के बाहर हाउसफुल का नोटिस लग गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर का किराया लगभग 1 लाख रूपए प्रति घंटा है जबकि डबल इंजन हेलिकॉप्टर का किराया लगभग 2 से 2.5 लाख रुपए प्रति घंटा के करीब है।

एविएशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के अनुसार भारत में विकसित देशों की तरह चुनाव प्रचार के लिए अधिक मात्रा में हेलीकॉप्टर या छोटे विमान उप्लबध नहीं हैं।

रोटरी विंग सोसायटी ऑफ इंडिया के वेस्टर्न चैप्टर के अध्यक्ष कैप्टन उदय गेल्ली के अनुसार भारत में करीब 275 सिविलियन हेलिकॉप्टर रजिस्टर्ड हैं जिनमें सिर्फ 75 का मालिकाना हक ही प्राइवेट कंपनियों के पास है।

इन 75 हेलीकॉप्टरों में से ज्यादातर चार्टर्ड कंपनियों के पास हैं, जो चुनाव में इन्हें किराए पर देती हैं। चुनाव प्रचार के लिए एक इंजन वाले विमान को इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है।

एविएशन एक्सपर्ट प्रदीप थम्पी के अनुसार स्माल फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट्स में से सेसना जैसे एक इंजन वाले विमान को चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाती।

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भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा कर इतिहास रच दिया है।

चांद के ऑर्बिट में चंद्रयान-2 को प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रयान-2 की गति कम करने की थी जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 10.98 किमी प्रति सेकेंड से 1.98 किमी प्रति सेकेंड कर दिया।

वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा।

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 की गति 90 फीसदी इसलिए कम की गई है ताकि यान चांद गुरूत्वाकर्षण की वजह से उसके सतह से टकरा न जाए। पहले ऑर्बिट में प्रवेश के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था।

इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

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