Connect with us

अन्तर्राष्ट्रीय

ब्रह्मांड में अजीबोगरीब आवाज सुनकर कांप गए वैज्ञानिक, हो सकती है अब तक की सबसे बड़ी….

Published

on

नई दिल्ली। ऋतिक रोशन की फिल्म ‘कोई मिल गया’ में रोहित सिग्नल के माध्यम से अनजाने में एलियन से संपर्क कर लेता है जिसके बाद एलियन पृथ्वी पर अपना स्पेसशिप लेकर आ जाते हैं।

 

ठीक इसी तरह का एक वाकया ब्रह्मांड में भी हुआ जिसके बाद वैज्ञानिक अभी तक हैरान हैं। जी हां, आप ये सुनकर हैरान हो जाएंगे कि साइंटिस्ट को लंबे वक्त के बाद ब्रह्माण्ड से एक अजीब से रेडियो सिग्नल मिले हैं।

 

इस रेडियो सिग्लन की जानकारी खुद कैनेडियन वैज्ञानिकों ने दी है। साइंटिस्ट ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें ‘Fast Radio Burst’ यानी FRB से उन्हें सिग्नल मिले हैं।

 

आपको बता दें कि ऐसा दूसरी बार हुआ है जब साइंटिस्ट को इस तरह के सिगनल मिले हैं। इससे पहले साल 2007 में 60 burst signal मिले थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें इस तरह के FRB सिग्नल बार-बार तब मिले जब पिछले साल गर्मियों में Canadian Hydrogen Intensity Mapping Experiment यानि CHIME टेलेस्कोप का एक ट्रायल रन किया था। इस सिग्नल के बाद वैज्ञानिक ब्रह्मांड के अब तक के सबसे बड़े  रहस्य के बारे में पता लगा सकते हैं।

 

बता दें कि Canadian Radio Telescope दुनिया का सबसे ताकतवर रेडियो टेलीस्कोप है। और ये फुटबॉल ग्राउंड जितने इलाके में फैला हुआ है। इस रिसर्च में कनाडा की 5 युनिवर्सिटीज़ के 50 वैज्ञानिकों शामिल हैं। इसी टीम का हिस्सा University Of British Colombia की एक Phd स्टूडेंट डेब्रा गुड ने बताया कि इस साल के अंत तक उन्हें 1 हजार बर्स्ट मिल चुके हैं।

 

गुड ने आगे बताया कि FRB केवल कुछ पलों के लिए ही आते हैं लेकिन इनसे निकलने वाली उर्जा 10 हजार सालों में सूरज से मिलने वाली उर्जा के बराबर है।वहीं इस रिसर्च में शामिल श्रीहर्ष तेंदुलकर ने बताया कि ये सिग्नल किसी तारे के बनने या फिर सुपरनोवा विस्फोट के चलते होने वाले आकाशिय तरंगों के कारण हो सकने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

श्रीहर्ष ने आगे बताया कि इस रिसर्च से जुड़े किसी भी वैज्ञानिक के दिमाग में सिग्नल और इंटेलिजेंट लाइफ के बीच में फिलहाल कोई कनेक्शन नहीं है लेकिन बतौर वो इस संभावना को 100 फीसदी नकार भी नहीं सकते।

आपको बता दें कि इस प्रोजक्ट से जुड़े साइंटिस्ट को साल 2012 और साल 2018 के बीच मिले सिग्नल में काफी समानताएं नजर आ रही हैं। अगर ये संभावना आगे चलकर सच की शक्ल लेती हैं तो ये वाकई हमारी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण खोज होगी।

अन्तर्राष्ट्रीय

इस मुस्लिम देश के पहाड़ पर दिखे ‘भगवान राम’, देखें तस्वीर

Published

on

नई दिल्ली। इराक गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दो हजार ईसा पूर्व के भित्तिचित्र मिले हैं। इस भित्तिचित्र को लेकर अयोध्या शोध संस्थान का दावा है कि ये भगवान राम की छवि है।

भगवान राम का ये भित्तिचित्र इराक के होरेन शेखान क्षेत्र में संकरे मार्ग से गुजरने वाले रास्ते पर दरबंद-ई-बेलुला चट्टान में मिला है। इस चित्र में एक राजा को दिखाया गया है, जिसने धनुष पर तीर ताना हुआ है।

उनकी कमर के पट्टे में एक खंजर या छोटी तलवार लगी है। इसी चट्टान में एक और छवि भी है, जिसमें एक शख्स हाथ मुड़े हुए दिख रहा है। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि ये भगवान हनुमान की छवि है।

वहीं इराक के विद्वानों का कहना है कि ये भित्तिचित्र पहाड़ी जनजाति के प्रमुख टार्डुनी का है। भारतीय राजदूत प्रदीप सिंह राजपुरोहित की अगुआई में ये प्रतिनिधिमंडल इराक गया था। जिसके लिए संस्कृति विभाग के अंतर्गत आने वाले अयोध्या शोध संस्थान ने अनुरोध किया था।

प्रदीप सिंह का दावा है कि इन चित्रों से पता चलता है कि भगवान राम सिर्फ कहानियों में नहीं थे क्योंकि ये निशान उनके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। भारतीय और मेसोपोटामिया संस्कृतियों के बीच संबंध का विस्तृत अध्ययन करने के लिए भी इस प्रतिनिधिमंडल ने चित्रमय प्रमाण भी एकत्रित किए हैं।

वहीं इराक के इतिहासकार अयोध्या शोध संस्थान की  बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि वे इस चित्र को भगवान राम से जुड़ा नहीं मानते हैं।

उनका कहना है कि ये साबित करने के लिए गायब लिंक को खोजना जरूरी है। उनका कहना है कि उन्होंने शोध के लिए इराक की सरकार से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद सभी कड़ियों को जोड़ने का काम किया जाएगा।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending