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लोकसभा चुनाव: सपा-बसपा की वजह से बीजेपी को यूपी में बड़ा नुकसान, आंकड़े देखकर चौंक जाएंगे आप!

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नई दिल्ली। लोकसभा 2019 के चुनाव से पहले कई बड़े राजनीतिक दल सत्ता पर काबिज होने के लिए जोड़तोड़ की राजनीति में लग गए हैं। लंबे समय से बीजेपी से नाराज चल रही अपना दल की मुखिया अनुप्रिया पटेल को बीजेपी आखिरकार मनाने में कामयाब रही और फिर से गठबंधन कर लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अपना दल यूपी में 2 सीटों पर लड़ेगी जबकि बाकी की सीटों पर बीजेपी अपने उम्मीदवार उतारेगी। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीति का हर धुरंधर यह बखूबी जानता है कि दिल्ली की सत्ता की चाबी उत्तर प्रदेश से ही होकर गुजरती है यही वजह है कि बीजेपी हो या कांग्रेस या फिर सपा-बसपा हर कोई यूपी में जीत के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा रहा है। भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए राज्य के दो विपरित ध्रुव सपा और बसपा एक साथ आ गए।

बुआ-बबुआ के इस गठजोड़ ने बीजेपी समर्थकों की नीदें उड़ा दी है क्योंकि तमाम सर्वे बताते हैं कि अगर बीजेपी को सत्ता में आने से कोई रोक सकता है तो वो है समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन।

2014 के आंकड़ो के हिसाब से अगर गणना की जाए तो सपा-बसपा बीजेपी को 32 सीटों का नुकसान पहुंचाते दिख रहे हैं। आपको बता दें कि 71 सीट जीतने में कामयाब रही थी। कई सर्वे में मोदी सरकार पिछले बार का करिश्मा दोहराती नजर नहीं आ रही है।

अगर 2014 चुनाव के नतीजों को आधार बनाकर देखा जाए तो 35 ऐसी सीटें हैं जिसमें सपा-बसपा का करिश्मा नजर आ रहा है। यूपी की कुल 80 सीटों में से 62 सीटों पर सपा और बसपा दूसरे और तीसरे पायदान पर आये थे और इनका कुल मत प्रतिशत जोड़ने पर यह आंकड़ा 35 पर पहुंच जाता है इसमें सपा की 5 सीटों को जोड़ दिया जाए तो कुल सीटों की संख्या 40 हो जाती है। सपा-बसपा के हिसाब से यह अनुमान के मुताबिक भले ही कम सीटें हैं लेकिन बीजेपी को इतनी ही सीटें दोबारा सत्ता हासिल करने में परेशानी पैदा कर सकती हैं।

 

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अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े राहुल गांधी, मनमोहन ने कही ये बड़ी बात

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नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद शनिवार को पार्टी वर्किंग कमेटी की बैठक चल रही है। मिली जानकारी के मुताबिक कमेटी के सामने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की है।

इस्तीफे की पेशकश के बाद सोनिया और मनमोहन सिंह राहुल को मनाने की कोशिश कर रहे है। लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि वो (राहुल) इस्तीफे पर अड़े हैं। राहुल के इस कदम के बाद उनसे मीटिंग में पूछा जा रहा है कि अगर आप नहीं तो कौन? इस पर राहुल ने चुप्पी साधी हुई है।

बता दें, मोदी की सुनामी में कांग्रेस की जो गत हुई, उससे हर कोई हैरान है। हार पर मंथन करने के लिए कांग्रेस के दिग्गज इकट्ठा हुए हैं. इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंच गए हैं।

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