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खेल-कूद

नशे में टल्ली इस किक्रेटर ने बना डाले 175 रन, इतिहास में आज भी दर्ज है 12 मार्च की तारीख

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नई दिल्ली। किक्रेट अनिश्चितताओं का खेल माना जाता है। इस खेल में किस क्षण बाजी पलट जाए इसकी सटीक भविष्यवाणी शायद ही कोई कर सकता है।

आज हम क्रिकेट से जुड़ा एक ऐसा वाकया आपके लिए लाए हैं जो कई वजहों से इतिहास के पन्नों में दर्ज है। दक्षिण अफ्रीका ने आज ही के दिन 13 साल पहले (12 मार्च, 2006) जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में इतिहास रचा था।

अफ्रीकी टीम ने वनडे इतिहास के सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया, जिससे क्रिकेट फैंस दंग रह गए थे।

पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 434 रन बना डाले थे, जो उस वक्त का सबसे बड़ा स्कोर था। तब किसी ने सोचा नहीं होगा कि इतने बड़े स्कोर के बाद भी कोई टीम हार सकती है।

दक्षिण अफ्रीका की इस जीत के हीरो हर्शल गिब्स थे। जिन्होंने 111 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। कहा जाता है कि जिस वक्त उन्होंने यह धुआंधार पारी खेली थी वह शराब के नशे में थे।

खुद गिब्स ने भी अपनी आत्मकथा में इस बात का खुलासा किया है। गिब्स ने ऑटोबायोग्राफी ‘टू द पॉइंट : द नो होल्ड्स बार्ड’ (To the point: The no-holds-barred) में बताया है कि उस मैच से पहले की रात उन्होंने काफी शराब पी थी और मैच वाले दिन वह हैंगओवर में थे।

उन्‍होंने लिखा, ‘सोने से ठीक पहले मैंने अपने होटल के कमरे से बाहर देखा कि गिब्‍स अभी भी वहां है. गिब्‍स जब सुबह नाश्‍ते के लिए आए थे, तब भी वो नशे में दिख रहे थे।’

उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने कप्तान रिकी पोंटिंग की 105 गेंदों में 164 रनों (9 छक्के, 13 चौके) की तूफानी पारी की बदौलत 434/4 रन बनाए थे। तब वनडे इतिहास में पहली बार किसी टीम ने 400 से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया था। आखिरकार इस मैच का नतीजा हैरान कर देने वाला रहा।

साउथ अफ्रीका ने एक गेंद शेष रहते 438/9 रन बना डाले और ऑस्ट्रेलिया यह मुकाबला एक विकेट से गंवा बैठा। इस मैच के हीरो हर्शल गिब्स रहे थे जिन्होंने 21 चौके और 7 छक्के की बदौलत 175 रनों की पारी खेली थी।

उन्हें कप्तान ग्रीम स्मिथ का अच्छा साथ मिला, स्मिथ ने 55 गेंदों में 90 रन ठोके। इस मैच में दोनों ओर से कुल 87 चौके और 26 छक्के लगे थे। साउथ अफ्रीका ने यह सीरीज 3-2 से जीत ली थी।

खेल-कूद

कभी इस भारतीय गेंदबाज से कांपते थे क्रिस गेल, आज खेतों में गेंहू काटने पर है मजबूर

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नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) ये वो नाम है जिसने कई गुमनाम क्रिकेटरों को रातोंरात शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया।

आज हम आपको इस लीग के एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताएंगे जिसने आईपीएल में बहुत तेजी से नाम कमाया लेकिन अचानक किस्मत ने उसका साथ छोड़ दिया और आज वो खिलाड़ी गुमनामी के अंधेरे में जिंदगी काट रहा है।

हम बात कर रहे हैं राजस्थान रॉयल्स की ओर से आईपीएल करियर शुरू करने वाले कामरान खान की। कामरान ने अपने प्रतिभा के दम पर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया।

 

उनके टैलेंट को देखकर दिग्गज भी मानते थे कि वह आने वाले समय का स्टार बॉलर होगा और अपने देश की तरफ से खेलेगा। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रहने वाले कामरान ने शुरूआती दिनों में अपनी गेंदबाजी से खूब सनसनी मचाई लेकिन आज खेतों में काम करने को मजबूर हैं।

धारदार गेंदबाजी की वजह से शेर्न वॉर्न ने उन्हें 2009 में अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स में शामिल किया था। इस गेंदबाज ने इस सीजन 9 मैचों में 9 विकेट लिए।

लेकिन जिस अंदाज में इन्होंने गेंदबाजी की उसे देखकर इस खिलाड़ी के भविष्य की अटकलें भी तेज हुई। एक अहम मैच में शेन वार्न ने उन्हें सुपर ओवर में गेंद थमाई थी जिसमें खिलाड़ी ने क्रिस गेल जैसे दिग्गज खिलाड़ी को आउट करके मैच अपनी टीम की झोली में डाल दिया, इस मैच ने रातों रात कामरान को स्टार बना दिया।

कामरान के एक्शन पर भी काफी सवाल उठे। जांच भी हुई पर जांच में सबकुछ सही पाया गया, लेकिन इस जांच से उनके करियर पर जरुर ग्रहण लग गया। 2010 में राजस्थान की टीम ने कामरान को रिलीज कर दिया।

2011 में पुणे ने उनपर दांव लगाया लेकिन 2012 में उन्हें इस टीम से भी बाहर कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह खिलाड़ी अब गुमनामी की जिंदगी जी रहा है और खेतों में पसीना बहाकर अपना पेट पाल रहा है।

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