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प्रादेशिक

सीएमएस अलीगंज ने लोहिया पार्क में किया ‘रंग दे’ का भव्य आयोजन

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लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) द्वारा सी.आई.एस.वी. मोज़ेक प्रोजेक्ट के ओपेन डे समारोह ‘रंग दे का भव्य आयोजन आज गोमती नगर स्थित राम मनोहर लोहिया पार्क के ऐम्फ़ी थियेटर में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों व शिक्षकों ने विभिन्न शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों एवं सृजनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से सामाज के रचनात्मक विकास में प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की अपील की एवं एक न्यायपूर्ण, शान्तिपूर्ण, स्वच्छ एवं खुशहाल समाज की अवधारणा को साकार करने में योगदान देने हेतु प्रेरित किया।

विदित हो कि सी.आई.एस.वी. मोजे़क प्रोजेक्ट ‘रंग दे’ सी.एम.एस. अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) की अध्यापिकाओं ने अपनी प्रधानाचार्या श्रीमती शिवानी सिंह के कुशल नेतृत्व में विकसित किया है जो स्थानीय समाज की आवश्यकताओं को समझकर उनकी सहायता करते हैं। इसका लक्ष्य है कि छात्रों में व्यवहारिक कौशल विकसित करें, उनको पर्यावरण व विश्वव्यापी समस्याओं से अवगत कराएँ और विश्व नागरिक बनाएँ। सी.आई.एस.वी. मोज़ेक प्रोजेक्ट के अन्तर्गत सी.एम.एस. छात्र व शिक्षक पिछले कुछ समय से स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं सौंदर्यीकरण का ‘रंग दे प्रोजेक्ट चला रहे हैं, जिसमें स्थानीय नागरिक भी अपने सामाजिक कर्तव्यों को समझते हुए भरपूर योगदान दे रहे हैं।

 

इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक, मल्टीमीडिरूा प्रजेन्टेशन, सी.आई.एस.वी. गीत आदि अनेक रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी को सुखद अनुभूति कराई। इसके अलावा, पेन्टिंग, रंगोली, मेंहदी, पोस्टर मेकिंग, कार्ड मेकिंग आदि प्रतियोगिताओं में छात्रों व अभिभावकों की भागीदारी देखते ही बनती थी। सभी ने किसी न किसी प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल भी दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र रहे।

इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि इस प्रकार के ‘ओपेन डे समारोह’जैसे कार्यक्रम सी.एम.एस. की अनूठी शिक्षा पद्धति का ही एक अंग है जो छात्रों को सामाजिक सराकारों से जोड़ता है, साथ ही उन्हें अपनी बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर भी उपलब्ध कराता है। डा. गाँधी ने कहा कि सामाजिक सराकारों के कार्यक्रम में सी.एम.एस. सदैव ही अग्रणी रही है। सी.एम.एस. अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या शिवानी सिंह ने बताया कि सी.आई.एस.वी. मोज़ेक प्रोजेक्ट के अन्तर्गत सी.एम.एस. अलीगंज (द्वितीय कैम्पस) के छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों ने सामूहिक सहयोग से न केवल अपने कैम्पस के आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण व सौंदर्यीकरण का कार्य किया अपितु अलीगंज फ्लाईओवर पर पेन्टिंग व गुलाब वाटिका की सजावट में सहयोग किया।

सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी  हरि ओम शर्मा ने बताया कि चिल्डेन्स इन्टरनेशनल समर विलेज कैम्प (सी.आई.एस.वी.) इंग्लैण्ड की एक शान्ति संस्था है, जो वर्तमान में 70 देशों में फैली हुई है। पिछले 48 वर्षों से सी.एम.एस. और सी.आई.एस.वी. मिलकर कार्य कर रहे हैं जिससे सी.एम.एस. के बच्चे विश्वव्यापी एकता व शान्ति के प्रोग्राम में प्रतिभाग कर सकें और शान्ति शिक्षा से लाभान्वित हांे। सी.एम.एस. प्रवक्ता एवं जन-सम्पर्क अधिकारी ऋषि खन्ना ने कहा कि सी.एम.एस. का मानना है कि स्थानीय समुदाय एक व्यापक विश्व समाज को दर्शाते हैं और इसलिए ये छात्रों, अध्यापको व अभिभावकों को सी.आई.एस.वी. मोजे़क प्रोजेक्ट में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित करते हैं जो कि एक समुदाय पर आधारित शान्ति शिक्षा का अनूठा माॅडल है।

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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